ATM card | एटीएम के उपयोग के दौरान धोखाधड़ी से बचें
- स्त्रोतः सुरेश शुक्ला
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तेजी से भागती जिंदगी में हर इंसान सुविधा के लिहाज से इस तरह की तकनीकी सुविधाओं का उपयोग करता है, लेकिन धोखाधड़ी से बचने के लिए कई तरह की सावधानी बरती जाना चाहिए।
हाल ही में इंदौर के एक व्यक्ति के खाते से बैंकॉक में ऑटोमेटेड टेलर मशीन (एटीएम) कार्ड का क्लोन बनाकर डॉलर निकालने का मामला सामने आया है। एटीएम कार्ड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी का यह अकेला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई लोग इस तरह के धोखे का शिकार हो चुके हैं।
बटन खराब कर करते हैं वारदात
पुलिस विभाग के मुताबिक धोखे से एटीएम मशीन से रुपए निकालने की घटनाओं में मशीन के साथ छेड़छाड़ की जाती है। एडिशनल एसपी महेशचंद्र जैन ने बताया कि इस तरह की धोखाधड़ी करने के लिए ज्यादातर मशीनों के बटन खराब किए जाते हैं। बदमाश 'कैंसल' के अथवा दूसरे बटन पर ऑलपिन या काड़ी लगाकर उसे जाम कर देते हैं।
उपयोग के दौरान ग्राहक प्रक्रिया पूरी कर देते हैं लेकिन एक बटन नहीं दबने के कारण पैसा बाहर नहीं आता। उपभोक्ता के जाते ही बदमाश उस पिन को निकालकर बटन दबाकर प्रक्रिया पूरी कर लेते हैं। लेनदेन पूरा नहीं होने पर तुरंत बैंक को जानकारी दें। ताकि घटना नहीं हो।
जल्दबाजी से घट सकती है घटना
एटीएम मशीन का उपयोग करने वाले अधिकतर लोग जल्दी में दिखाई देते हैं। रकम निकालने के बाद उनका ध्यान रसीद प्राप्त करने और नोट गिनने में ज्यादा होता है। इस चक्कर में वे कैंसल का बटन दबाने या सुरक्षित तरीके से निकालने पर ध्यान नहीं देते। मशीन के उपयोग के लिए एटीएम रूम के अंदर जाने से लेकर बाहर आने तक में हड़बड़ाहट बिल्कुल नहीं रखें।
हैंग मशीन को अकेला न छो़ड़ें
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हर एटीएम के लिए हेल्पलाइन नंबर होता है। तुरंत सूचना दें। ऐसा नहीं होने पर बैंक अथवा सुरक्षाकर्मी को भी समस्या से अवगत कराएं। कैंसल का बटन दबाएं। अधिकतर मौकों पर हैंग होने के बाद कुछ ही मिनट में मशीन मुख्य मैन्यू पर आ जाता है। मुख्य मैन्यू आने से पहले मशीन से दूर नहीं जाएं।
कभी भी लीक न होने दें अपना पासवर्ड
जानकारों की मानें तो कई बार एटीएम कार्ड गुम हो जाने अथवा चोरी हो जाने से ज्यादा खतरनाक पासवर्ड का लीक होना होता है। अधिकतर इसी कारण लोग एटीएम से पैसा निकाल लेते हैं। किसी भी स्थिति में पासवर्ड किसी और को नहीं बताना चाहिए।
कार्ड गुम होने पर तुरंत बैंक व पुलिस को जानकारी दें।

