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Last Modified: वॉशिंगटन/ तेहरान , मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 (22:47 IST)

क्या ईरान पर होगा Nuclear अटैक, डोनाल्ड ट्रंप के प्लान पर व्हाइट हाउस का बड़ा बयान

Donald Trump Iran nuclear attack
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की चेतावनी के बाद व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि ईरान को अमेरिकी प्रस्ताव पर फैसला लेने के लिए तय समय-सीमा तक का ही मौका है।  कुल मिलाकर, ईरान-अमेरिका टकराव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है और अगले कुछ घंटे वैश्विक स्तर पर निर्णायक साबित हो सकते हैं। ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करने का दावा किया है। ट्रंप ने आज भी ट्रुथ सोशल पर दुनिया को डराने वाला पोस्ट शेयर किया। 
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि ईरानी शासन के पास पूर्वी समयानुसार रात 8 बजे तक का वक्त है। आगे क्या होगा, यह केवल राष्ट्रपति ही जानते हैं। 
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि आज रात पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है। ईरान पर रेलवे, पुलों और बिजली संयंत्रों जैसे अहम ढांचों पर हमलों की भी खबरें सामने आई हैं। ईरान ने साफ कहा है कि अमेरिकी धमकियों से उसके सैन्य अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा और अमेरिकी व इजरायली बलों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
 

क्या कहा उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 

ट्रंप के इस अल्टीमेटम के बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका के पास ऐसे हथियार हैं जिनका उसने अभी तक इस्तेमाल नहीं किया है। जेडी वेंस की इस बयान के बाद ये अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं कि क्या अमेरिका, ईरान पर न्यूक्लियर अटैक करने वाला है। लेकिन व्हाइट हाउस ने इन सभी अटकलों को खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की तरफ से बयान सामने आया है कि अमेरिका, ईरान पर न्यूक्लियर अटैक नहीं करेगा। 

हॉर्मुज को खोलने वाले प्रस्ताव पर रूस और चीन का वी‍टो

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने से जुड़े एक प्रस्ताव पर रूस और चीन ने वीटो कर दिया है। यह प्रस्ताव पहले ही कई बार कमजोर किया जा चुका था ताकि दोनों देश इसे स्वीकार कर लें, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इसे वीटो कर दिया। 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव पर वोटिंग 11-2 से हुई। इस प्रस्ताव को बहरीन ने पेश किया था। शुरुआत में इसमें 'सभी जरूरी उपाय' अपनाने की बात कही गई थी, जिसका मतलब सैन्य कार्रवाई की अनुमति भी हो सकता था। इसका उद्देश्य हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित करना और इसे बंद करने की कोशिशों को रोकना था। Edited by : Sudhir Sharma 
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