इस्लामाबाद टॉक्स पर सस्पेंस, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पहुंचेगा पाकिस्तान, ईरान ने क्यों किया बातचीत से इनकार?
तेहरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत से पीछे हटने का तेहरान का फैसला वॉशिंगटन की अत्यधिक मांगों और अवास्तविक अपेक्षाओं के चलते लिया गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और अपने बंदरगाहों पर जारी अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को भी ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।
ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने रविवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अमेरिका के रुख की आलोचना करते हुए उसे बचकाना और असंगत बताया था। उनका कहना था कि अमेरिका एक तरफ युद्धविराम और बातचीत की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ दबाव बनाकर सख्त रवैया अपनाता है।
अमेरिकी डेलिगेशन इस्लामाबाद जाने को तैयार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचेगा। पहले दौर की वार्ता के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस्लामाबाद गए थे। ईरान की ओर से भी मोहम्मद बघार गालिबाफ और अब्बास अघारची के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुंचा था। हालांकि इसका कोई नतीजा नहीं निकला था।
हार्मुज में चरम पर तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता खटाई में पड़ने से हार्मुज स्ट्रेट में तनाव चरम पर पहुंचा। अमेरिका ने चीन से आ रहे ईरानी जहाज को कब्जे में लिया। ईरान ने भी दी जवाबी कार्रवाई की धमकी। ईरानी सेना ने फ्रांस के जहाज पर वार्निंग फायरिंग की।
edited by : Nrapendra Gupta
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।....
और पढ़ें