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Last Modified: शनिवार, 24 जनवरी 2026 (14:39 IST)

ट्रंप ने ईरान की ओर भेजा विनाशकारी नौसैनिक बेड़ा, Iran की दो टूक इस बार होगा हिसाब बराबर

US Iran Conflict
US Iran Conflict. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की चिंगारी एक बार फिर सुलग उठी है। पिछले कुछ समय से शांत दिख रहा तनाव शुक्रवार को अचानक विस्फोटक स्थिति में पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए अपने शक्तिशाली नौसैनिक स्ट्राइक ग्रुप अरमाडा (Armada) को मध्य पूर्व की ओर कूच करने का आदेश दे दिया है। ट्रंप के इस कदम से भड़के ईरान ने अब आर-पार का मन बना लिया है। ईरान ने इसे 'पूर्ण युद्ध' का संकेत मानकर अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है। 
 

क्या कहा डोनाल्ड ट्रंप ने?

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने विशेष विमान 'एयर फोर्स वन' से पत्रकारों से बात करते हुए ईरान की घेराबंदी का पूरा प्लान साझा किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका का एक विशाल नौसैनिक बेड़ा, जिसे उन्होंने 'अरमाडा' का नाम दिया, ईरान की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि हमारे पास एक अजेय बेड़ा है और हम ईरान की हर हरकत पर नजर बनाए हुए हैं। हम उम्मीद करते हैं कि हमें इस ताकत का इस्तेमाल न करना पड़े। ट्रंप ने कहा कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम और प्रदर्शनकारियों पर हिंसा तुरंत रोकनी होगी।
 

इस बार हिसाब बराबर करेंगे : ईरान

ट्रंप की इस सैन्य लामबंदी पर ईरान ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। रिपोर्ट्‍स के मुताबिक ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि वे अमेरिका के किसी भी एक्शन को 'सीमित हमला' नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका चाहे इसे सर्जिकल स्ट्राइक कहे या काइनेटिक एक्शन, हमारे लिए यह पूर्ण युद्ध होगा। इस बार हम केवल बचाव नहीं करेंगे, बल्कि हिसाब बराबर करेंगे। हमारी सेना सबसे खराब स्थिति के लिए हाई अलर्ट पर है।
 

क्या हमला टल पाएगा?

विशेषज्ञों का मानना है कि यूएसएस अब्राहम लिंकन जैसे विमानवाहक पोतों की मौजूदगी से ट्रंप के पास सैन्य विकल्प तो बढ़ गए हैं, लेकिन वे सीधे युद्ध से हिचक भी रहे हैं। न्यूयॉर्क स्थित थिंकटैंक 'सूफान सेंटर' के अनुसार, क्षेत्रीय नेताओं का दबाव और हवाई हमलों की सीमित सफलता को देखते हुए ट्रंप पीछे हट सकते हैं, लेकिन 'अरमाडा' की मौजूदगी यह बताती है कि किसी भी पल एक छोटी सी गलती बड़े युद्ध की शुरुआत कर सकती है।
 

800 कैदियों की फांसी पर बवाल

दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि उनके हस्तक्षेप के कारण ईरान ने 800 प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी है। लेकिन, ईरान के शीर्ष सरकारी वकील मोहम्मद मोवाहेदी ने ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है और ट्रंप का दावा पूरी तरह झूठा है। बताया जा रहा है कि ईरान में जारी हिंसक कार्रवाई में मरने वालों की संख्या अब 5000 के पार पहुंच गई है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala