तीसरा विश्वयुद्ध और नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी
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14 दिसंबर 1503 को फ्रांस में जन्मे नास्त्रेदमस ने तीसरे विश्व युद्ध की जो भविष्यवाणी की है वह बहुत ही डराने वाली है। यदि यह सच होता है तो प्रयल जैसा नजारा होगा। एक नजर भविष्यवाणी पर...
नास्त्रेदमस ने अपनी भविष्यवाणी की पुस्तक में लिखा है- 'एक पनडुब्बी में तमाम हथियार और दस्तावेज लेकर वह व्यक्ति इटली के तट पर पहुंचेगा और युद्ध शुरू करेगा। उसका काफिला बहुत दूर से इतालवी तट तक आएगा।'
एक दूसरे चेप्टर में वे तृतीय विश्वयुद्ध की शुरुआत के समय कौन-कौन और क्या होगा यह लिखते हैं- तीन ओर समुद्र जल से घिरे देश में एक नेता होगा, जो 'जंगली' नाम वाला होगा, जो भारत में प्रधानमंत्री पद पर बैठेगा- (क्या हम मानें कि इस वक्त 'सिंह' ही एकमात्र नाम ऐसा है, जो जंगल से आता है)।
आगे वे लिखते हैं- एक देश में जनक्रांति से नया नेता सत्ता संभालेगा (यह मिस्र में हो चुका है)। नया पोप दूसरे देश में बैठेगा (यह भी हो चुका है।)। मंगोल (चीन) चर्च के खिलाफ युद्ध छेड़ेगा। (चीन का अमेरिका के खिलाफ छद्मयुद्ध तो जारी है ही)। नया धर्म (इस्लाम) चर्च के खिलाफ भारी मारकाट करते हुए इटली और फ्रांस तक जा पहुंचेगा तब तृतीय युद्ध शुरू होगा।
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नास्त्रेदमस ने अपनी एक भविष्यवाणी में कहा है कि जब तृतीय युद्ध चल रहा होगा उस दौरान चीन के रासायनिक हमले से एशिया में तबाही और मौत का मंजर होगा, ऐसा जो आज तक कभी नहीं हुआ।
नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी के विश्लेषणों अनुसार जब तृतीय विश्वयुद्ध चल रहा होगा उसी दौरान आकाश से आग का एक गोला पृथ्वी की ओर बढ़ेगा और हिंद महासागर में आग का एक तूफान खड़ा कर देगा। इस घटना से दुनिया के कई राष्ट्र जलमग्न हो जाएंगे।
ऐसा कब होगा इसके बारे में स्पष्ट नहीं, लेकिन ज्यादातर जानकार 2012 से 2014 के बीच ऐसा होने की घोषणा करते हैं।

