NASA के Artemis Mission ने रचा इतिहास, चांद के करीब पहुंचे अंतरिक्ष यात्री, मिशन में हुआ यह बड़ा खुलासा
NASA's Artemis Mission News : अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के आर्टेमिस II मिशन (Artemis Mission II) ने आज इतिहास रच दिया। 50 वर्ष बाद इंसान फिर से चांद के करीब पहुंचा। भारतीय समय अनुसार सुबह सभी अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद के चारों ओर यात्रा की। यह मिशन 1 अप्रैल को लांच हुआ था। भारतीय समय अनुसार 6 और 7 अप्रैल के बीच यह अहम चरण पूरा हुआ। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने कई नई तस्वीरें और जानकारी जुटाईं, जो भविष्य के मिशनों के लिए बेहद अहम मानी जा रही हैं। मिशन के तहत पहली बार चांद के उस दूर के हिस्से को देखा, जिसे पृथ्वी से देखा ही नहीं जा सकता।
अंतरिक्ष यात्रियों ने जुटाई कई नई तस्वीरें और जानकारी
अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के आर्टेमिस II मिशन (Artemis Mission II) ने आज इतिहास रच दिया। 50 वर्ष बाद इंसान फिर से चांद के करीब पहुंचा। भारतीय समय अनुसार सुबह सभी अंतरिक्ष यात्रियों ने चांद के चारों ओर यात्रा की। यह मिशन 1 अप्रैल को लांच हुआ था। भारतीय समय अनुसार 6 और 7 अप्रैल के बीच यह अहम चरण पूरा हुआ। इस दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने कई नई तस्वीरें और जानकारी जुटाई, जो भविष्य के मिशनों के लिए बेहद अहम मानी जा रही हैं।
पहली बार देखा चांद का यह नजारा
इस मिशन पर रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कॉश और जेरेमी हैनसेन समेत कुल 4 अंतरिक्ष यात्री निकले हैं। मिशन की इस सफलता के बाद अगली बार अंतरिक्ष यात्री को चांद की सतह पर उतारने की योजना है। चांद पर यूं तो भारत समेत दुनियाभर के कई अंतरिक्ष यात्री उतर चुके हैं लेकिन आर्टेमिस मिशन के तहत पहली बार चांद के उस दूर के हिस्से को देखा, जिसे पृथ्वी से देखा ही नहीं जा सकता।
अंतरिक्ष यात्रियों ने किया बड़ा खुलासा
नासा का आर्टेमिस-2 मिशन बेहद सुरक्षित माना जा रहा है, क्योंकि अगर स्पेसक्राफ्ट का इंजन खराब हो जाए तो भी चांद की गुरुत्वाकर्षण ताकत अंतरिक्ष यान को धरती की ओर वापस सुरक्षित भेजने की शक्ति रखती है। अंतरिक्ष मिशन के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ। अंतरिक्ष यात्रियों को पता चला कि चांद का वो दूर का हिस्सा सपाट नहीं है बल्कि उसमें गड्ढे हैं।
LIVE: Watch with us as the Artemis II astronauts make their closest approach to the Moon, traveling farther from Earth than ever before. https://t.co/Zpy7GdTqA8
— NASA (@NASA) April 6, 2026
अंतरिक्ष यात्रियों ने देखा दुर्लभ सूर्य ग्रहण
चांद का चक्कर लगाने के दौरान जब अंतरिक्ष यान चांद के पीछे गया, तब करीब 40 मिनट तक धरती से संपर्क पूरी तरह टूट गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चांद ने रेडियो और लेजर सिग्नल को ब्लॉक कर दिया। इस दौरान चारों अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह अकेले रहे। यह अनुभव अपोलो मिशन जैसा ही था। इसी समय उन्होंने एक दुर्लभ पूरा सूर्य ग्रहण भी देखा, जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता।
अपोलो अंतरिक्ष मिशन का तोड़ा रिकॉर्ड
इस मिशन में पहली बार कोई महिला और अश्वेत अंतरिक्ष यात्री चांद के करीब पहुंचे। क्रिस्टीना कोच पहली महिला बनीं, जबकि विक्टर ग्लोवर पहले अश्वेत व्यक्ति बने। कनाडा के जेरेमी हैनसेन भी मिशन का हिस्सा हैं। यह मिशन इंसानों को अब तक की सबसे ज्यादा दूरी तक ले गया। नासा के ओरियन अंतरिक्ष यान (Orion Spacecraft) ने 2.52 लाख मील की दूरी तय कर 1970 के अपोलो (Apollo) 13 का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
Edited By : Chetan Gour
फोटो सौजन्य : टि्वटर/एक्स
Edited By : Chetan Gour
फोटो सौजन्य : टि्वटर/एक्स

