सम्बंधित जानकारी
- Facebook विवाद पर कांग्रेस ने मार्क जुकरबर्ग को फिर लिखा पत्र
- फेसबुक पर हेट स्पीच विवाद: दिल्ली विधानसभा की कमेटी को पत्रकार आवेश तिवारी बताएंगे फेसबुक की सच्चाई
- अमेरिका के टेनिस स्टार ब्रायन बंधुओं ने लिया संन्यास
- Donald Trump: बाइडन राष्ट्रपति तो अमेरिका पर चीन का कब्जा
- TikTok के CEO ने दिया इस्तीफा, अमेरिकी दबाव का दिखा असर
जुकरबर्ग को अफसोस, भड़काऊ पोस्ट नहीं हटाकर फेसबुक ने गलती की
मार्क जुकरबर्ग ने अफसोस जताते हुए कहा है कि पिछले हफ्ते फेसबुक ने अपने प्लेटफार्म से हिंसा को उकसाने वाले एक भड़काऊ पोस्ट को नहीं हटाकर गलती की।
अमेरिका में सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक से एक गलती हो गई। पिछले हफ्ते वह अपने प्लेटफार्म से एक भड़काऊ पोस्ट को नहीं हटा सकी। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने यह बात तो मान ली कि फेसबुक ने हिंसा की वकालत करने वाले इस पोस्ट को न हटाकर गलती की है, लेकिन इसके लिए माफी नहीं मांगी।
यह मामला अश्वेत युवक जैकब ब्लैक को अमेरिकी पुलिस द्वारा गोली मारने से जुड़ा हुआ है।
बता दें कि विस्कोंसिन के केनोशा में पुलिस ने जैकब को पीठ में सात गोलियां मारी थीं। इसके बाद जैकब को लकवा मार गया। इस घटना के बाद केनोशा में प्रदर्शन शुरू हो गए। इसी दौरान 'केनोशा गार्ड' नाम के एक फेसबुक पेज पर लोगों से हथियारों के साथ केनोशा में घुसने की अपील की गई थी। जुकरबर्ग ने एक वीडियो पोस्ट में कहा कि यह सामग्री फेसबुक की नीतियों के खिलाफ थी।
उन्होंने कहा कि कई लोगों ने इस पोस्ट के खिलाफ ध्यान खींचा था लेकिन तब इसे हटाया नहीं जा सका। यह एक गलती थी।' आखिरकार, बुधवार को यह पोस्ट तब हटाया गया, जब एक हथियारबंद शख्स ने कथित रूप से दो लोगों की जान ले ली और तीसरे को घायल कर दिया। हाल के दिनों में फेसबुक ने जनसुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले समूहों के पोस्ट हटाने या प्रतिबंधित करने के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं।
अमेरिका में सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक से एक गलती हो गई। पिछले हफ्ते वह अपने प्लेटफार्म से एक भड़काऊ पोस्ट को नहीं हटा सकी। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने यह बात तो मान ली कि फेसबुक ने हिंसा की वकालत करने वाले इस पोस्ट को न हटाकर गलती की है, लेकिन इसके लिए माफी नहीं मांगी।
यह मामला अश्वेत युवक जैकब ब्लैक को अमेरिकी पुलिस द्वारा गोली मारने से जुड़ा हुआ है।
बता दें कि विस्कोंसिन के केनोशा में पुलिस ने जैकब को पीठ में सात गोलियां मारी थीं। इसके बाद जैकब को लकवा मार गया। इस घटना के बाद केनोशा में प्रदर्शन शुरू हो गए। इसी दौरान 'केनोशा गार्ड' नाम के एक फेसबुक पेज पर लोगों से हथियारों के साथ केनोशा में घुसने की अपील की गई थी। जुकरबर्ग ने एक वीडियो पोस्ट में कहा कि यह सामग्री फेसबुक की नीतियों के खिलाफ थी।
