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Last Modified: वॉशिंगटन , सोमवार, 9 मार्च 2026 (09:35 IST)

युद्ध से तेल बाजार में हड़कंप: कच्चा तेल 115 डॉलर पार, क्या भारत में बढ़ेंगे पेट्रोल डीजल के दाम?

crude oil
Crude Oil Price : इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। कच्चे तेल की कीमत 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो करीब साढ़े तीन साल का उच्च स्तर है। अगर यह तेजी जारी रहती है तो भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की आशंका भी बढ़ सकती है। ALSO READ: मोजतबा बने ईरान के सुप्रीम लीडर, अमेरिका नाराज, इजराइल ने फिर धमकाया
 
इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध ने वैश्विक तेल बाजार में भूचाल ला दिया है। कच्चे तेल की कीमत अचानक 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। करीब साढ़े तीन साल बाद पहली बार तेल इतनी ऊंचाई पर पहुंचा है। सिर्फ एक हफ्ते में अमेरिकी क्रूड करीब 36% और ब्रेंट क्रूड 28% तक महंगा हुआ है। इस बीच कतर ने दावा किया कि युद्ध जारी रहा तो क्रूड 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है।
 
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 116.3 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड की कीमत भी 115.9 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ गई।

क्यों बढ़ रहे हैं तेल के दाम

इराक, कुवैत और यूएई जैसे देशों ने उत्पादन भी कम करना शुरू कर दिया है। इजराइल भी ईरान के तेल पर हमला कर रहा है। इस वजह से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें तेजी से उछल रही हैं।
 
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान युद्ध के कारण तेल की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। सबसे बड़ा संकट होर्मुज जलडमरूमध्य पर मंडरा रहा है। इसी रास्ते से दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई गुजरती है। हर दिन लगभग 1.5 करोड़ बैरल तेल इसी मार्ग से दुनिया तक पहुंचता है।

क्या बोले ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि अगर इससे ईरान का परमाणु खतरा खत्म होता है तो यह कीमत जायज है।

भारत ने बढ़ाई तेल सप्लाई

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने रूस, अमेरिका और अफ्रीकी देशों से कच्चे तेल खरीदी बढ़ा ली है। इसका उद्देश्य देश में ईंधन की आपूर्ति को स्थिर रखना और किसी संभावित संकट से बचाव करना है।
edited by : Nrapendra Gupta
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