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Last Updated :क्वेटा/नुश्की , गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026 (13:06 IST)

बलूचिस्तान में 3 दिन की खूनी जंग: नुश्की में घर-घर घुसे विद्रोही, पाक सेना ने ड्रोन-हेलीकॉप्टर से बरसाए गोले

Balochistan Violence
Balochistan Violence: पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत बलूचिस्तान इस वक्त 'युद्ध क्षेत्र' में तब्दील हो चुका है। दक्षिण-पश्चिमी शहर नुश्की (Nushki) में तीन दिनों तक चली भीषण गोलाबारी के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि उन्होंने शहर को विद्रोहियों के कब्जे से वापस छीन लिया है। इस सैन्य कार्रवाई में ड्रोन और लड़ाकू हेलीकॉप्टरों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस हिंसा में अब तक नागरिकों और सैनिकों सहित 58 लोगों की मौत हो चुकी है।

'ऑपरेशन हेरोफ' : जब ठहर गया पूरा प्रांत

यह खूनी संघर्ष शनिवार को तब शुरू हुआ जब बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपने 'ऑपरेशन हेरोफ' (Operation Herof - Black Storm) के तहत एक साथ 12 से अधिक जगहों पर हमला किया। विद्रोहियों ने न केवल सड़कों को जाम किया, बल्कि स्कूलों, बैंकों और पुलिस स्टेशनों को भी अपना ठिकाना बना लिया।
  • बंधक बनाए गए अफसर : नुश्की में विद्रोहियों ने डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद हुसैन और उनके परिवार को उनके ही घर में बंधक बना लिया था।
  • आसमान से हमला : शहर की गलियों में छिपे विद्रोहियों को निशाना बनाने के लिए पाकिस्तान ने आधुनिक ड्रोन और गनशिप हेलीकॉप्टर तैनात किए।

मौतों के आंकड़ों पर विरोधाभास

जंग खत्म होने के बाद अब मौतों के आंकड़ों को लेकर बड़े दावे किए जा रहे हैं। पाकिस्तानी सुरक्षाबलों का दावा है कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में 197 विद्रोहियों को मार गिराया है। दूसरी ओर, BLA ने दावा किया है कि उसने इस ऑपरेशन में 280 पाकिस्तानी सैनिकों को मार डाला है, हालांकि इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं दिया गया है। हालांकि स्थानीय पुलिस ने फिलहाल 58 मौतों की पुष्टि की है, जिसमें 22 सुरक्षाकर्मी और 36 नागरिक शामिल हैं।

लगा छत और दीवारें उड़ जाएंगी

नुश्की और क्वेटा के निवासियों ने इन तीन दिनों को 'कयामत' जैसा बताया। क्वेटा की एक महिला रोबिना अली ने बताया कि धमाके इतने तेज थे कि लगा घर की दीवारें गिर जाएंगी। शहर में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं और लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो गए।
 
"विद्रोही हमारे घरों में घुस आए थे। वे हमें लोगों की सेवा करने से रोकना चाहते थे और शहर को पूरी तरह कब्जे में लेना चाहते थे।" — मारिया शमून, असिस्टेंट कमिश्नर (नुश्की)

भारत पर मढ़ा दोष, मिला करारा जवाब

हर बार की तरह, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने इन हमलों के पीछे भारत का हाथ होने का आरोप लगाया है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इन बेबुनियाद आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि 'पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं और बलूचिस्तान के लोगों की वास्तविक मांगों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहा है।' विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सैन्य कार्रवाई से यह मसला हल नहीं होगा। जब तक बलूचिस्तान के संसाधनों और राजनीतिक अधिकारों पर वहां के लोगों को हक नहीं मिलेगा, तब तक यह 'खूनी खेल' जारी रहने की आशंका है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala
 
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