Iranian military has issued major appeal to Muslim countries : यु़द्ध के बीच ईरानी सेना का बड़ा बयान सामने आया है। खबरों के अनुसार, ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच जारी इस भीषण संघर्ष के बीच ईरानी सेना ने एक बड़ा कूटनीतिक और सैन्य दांव चला है। ईरान की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखरची ने मुस्लिम देशों के नेताओं से अमेरिका और इसराइल के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। इससे पहले ईरान के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा कि अमेरिका और इसराइल को खून की हर बूंद की कीमत चुकानी पड़ेगी।
ईरानी सेना ने चला बड़ा कूटनीतिक और सैन्य दांव
यु़द्ध के बीच ईरानी सेना का बड़ा बयान सामने आया है। ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच जारी इस भीषण संघर्ष के बीच ईरानी सेना ने एक बड़ा कूटनीतिक और सैन्य दांव चला है। ईरान की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखरची ने मुस्लिम देशों के नेताओं से अमेरिका और इसराइल के खिलाफ एकजुट होने की अपील की है। इससे पहले ईरान के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा कि अमेरिका और इसराइल को खून की हर बूंद की कीमत चुकानी पड़ेगी।
अमेरिकी ठिकाने तबाह करने का दावा
शेखरची का कहना है कि मुस्लिम देशों की एकजुटता ही इस्लामी दुनिया को मजबूत बना सकती है। ईरानी सेना ने 112 दुश्मन ड्रोन और अमेरिकी ठिकाने तबाह करने का भी दावा किया है। शेखरची का यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार बढ़ रहा है और युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। शेखरची ने जोर देकर कहा कि इस्लामी देशों को ईरान और उसकी जनता पर भरोसा करना चाहिए और पूरी मुस्लिम दुनिया की मजबूती के लिए एक मंच पर आना चाहिए।
जोल्फाघरी ने बताया कि ईरान की एयर डिफेंस सिस्टम ने हाल ही में 3 दुश्मन विमानों को मार गिराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने लोगों के नुकसान का बदला लेने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जोल्फाघरी के अनुसार, 10 जगहों और क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों के 3 ठिकानों पर सटीक हमले किए गए। इनमें तेल अवीव के 7 ठिकाने, रिशोन लेजियन के 2 स्थान और शोहम का एक स्थान शामिल है।
अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक...
ईरान ने 10 अलग-अलग स्थानों पर सटीक हमले किए हैं, जिनमें तेल अवीव के सात ठिकाने, रिशोन लेजियन के दो और शोहम का एक स्थान शामिल है। इसके अलावा, अमेरिकी सेना के 3 महत्वपूर्ण ठिकानों पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए गए हैं। जोल्फागारी ने अंत में कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक दुश्मनों को पूरी तरह जवाब नहीं मिल जाता और अंततः जीत भगवान की मदद से ही मिलेगी।
इसी बीच इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने अपनी हवाई ताकत भी दिखाई है। एक अंडरग्राउंड ट्रेन में बड़ी संख्या में ड्रोन दिखाए गए। इस सुरंग में ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की तस्वीर भी लगी थी। जोल्फाघरी ने कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक दुश्मनों को पूरी तरह जवाब नहीं मिल जाता।
ईरानी राजदूत का सख्त संदेश
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात के बीच बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि तेहरान ने कुछ भारतीय जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से पार होने की इजाजत दी है। फतहली ने चेतावनी दी, ईरान बातचीत और जंग दोनों के लिए तैयार है, लेकिन बातचीत पसंद है। हम भी जंग लड़ने को तैयार हैं। सावधान, आप शुरू कर सकते हो, खत्म नहीं।
युद्ध के बीच क्या बोले ईरानी राष्ट्रपति?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने जारी अमेरिका-इसराइल संघर्ष के बीच ईरानी जनता को संदेश दिया है कि देश इन चुनौतियों से उबर जाएगा और नष्ट हुई हर चीज को पहले से बेहतर बनाकर पुनर्निर्मित करेगा। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान के सम्मानित लोगों, आपके सहयोग से हम इन परिस्थितियों से पार पा लेंगे और उनके द्वारा नष्ट की गई हर चीज का पहले से बेहतर पुनर्निर्माण करेंगे।
मिसाइलों के डर से कांप रहा दुबई
ईरान के लगातार हमलों ने दुबई को एक 'वॉर जोन' में बदल दिया है, जिससे इसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। पर्यटन और रियल एस्टेट उद्योगों को भारी नुकसान हुआ है, क्योंकि विदेशी नागरिक और निवेशक शहर छोड़कर जा रहे हैं। हवाईअड्डे के संचालन में बाधा और करोड़ों का दैनिक नुकसान दुबई की आर्थिक रफ्तार को थाम रहा है, जिससे वैश्विक निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है।
ट्रंप ने किया ईरानी सैन्य ठिकाने नष्ट करने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने ईरान के खर्ग आइलैंड पर भीषण बमबारी की है। ट्रंप के अनुसार, इस अभियान में द्वीप पर स्थित सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया गया है, हालांकि तेल बुनियादी ढांचे को फिलहाल निशाना नहीं बनाया गया है।
ट्रंप के अनुसार, यह हमला उनके सीधे आदेश पर किया गया था और इसे मध्य पूर्व के इतिहास में सबसे शक्तिशाली सैन्य अभियानों में से एक बताया गया है। राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी और व्यापारिक मार्गों को बाधित करने का कोई भी प्रयास किया गया, तो अमेरिका अपने रुख में बदलाव करेगा।
Edited By : Chetan Gour