मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026
  1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. अंतरराष्ट्रीय
  4. America most fearsome war fleet has arrived near Iran
Last Updated : शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 (09:56 IST)

अमेरिका का सबसे खौफनाक जंगी बेड़ा पहुंचा ईरान के करीब, क्या ईरान में तबाही मचाएगा अमेरिका?

khamenei and trump America most fearsome war fleet has arrived near Iran
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की स्थिति अपने चरम पर पहुंच गई है। ट्रंप ने कहा है कि ऐसा सबक सिखाएंगे कि कभी भूल नहीं पाओगे। बता दें कि इसके पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान बातचीत में रुचि दिखा रहा है, लेकिन इस बयान के बाद तेहरान ने चेतावनी दी है कि हमारी उंगलियां ट्रिगर पर ही हैं। इसी बीच अमेरिका का सबसे विध्वंसक युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन ईरान के करीब पहुंच चुका है। ऐसे में दोनों देशों के बीच हालात खराब होते नजर आ रहे हैं। उधर इजरायल भी अलर्ट मोड में है। दोनों देशों के बीच हालात सामान्य नहीं हो रहे हैं। दोनों तरफ से बयानबाजी का दौर भी चल रहा है।

अमेरिका के जंगी बेड़े का ईरान के पास पहुंचना यह संकेत देता है कि कुछ बड़ा होने वाला है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या ट्रंप अपनी धमकी को सच साबित करेंगे, या फिर यह कदम ईरान पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है? अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन के साथ पूरा जंगी बेड़ा चलता है। इस युद्धपोत को अमेरिका के दुश्मनों का काल माना जाता है और कहा जाता है कि यह युद्धपोत अकेले ही ईरान की पूरी सेना को धूल चटा सकता है। इसके साथ स्ट्राइक ग्रुप में गाइडेड मिसाइल क्रूजर, विध्वंसक जहाज, सबमरीन और अन्य युद्धपोत शामिल होते हैं। USS अब्राहम लिंकन को समंदर में चलने वाला सबसे बड़ा जंगी बेड़ा माना जाता है और इस युद्धपोत पर अमेरिका के सबसे घातक लड़ाकू विमान तैनात हैं।

USS अब्राहम लिंकन जल, थल और नभ कहीं से भी युद्ध की स्थिति में दुश्मन पर प्रचंड प्रहार कर सकता है। यदि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को नक्शे से मिटाने की धमकी दी है, तो इसके पीछे अमेरिका के पास मौजूद घातक हथियारों की ताकत है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के पास ऐसे विध्वंसक हथियार हैं, जो ईरान की पूरी सेना पर भारी पड़ सकते हैं। अमेरिका के कई खास हथियार सिस्टम ईरान के सैन्य ठिकानों और मिसाइल साइट्स जैसे खतरनाक टारगेट को चंद मिनटों में निशाना बना सकते हैं।

ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को रोक पाना मुश्किल माना जा रहा है। अमेरिका के पास ऐसे पांच हथियार हैं, जिनका तोड़ ईरान के पास नहीं है। ईरान और इजरायल के युद्ध के दौरान अमेरिका के स्टेल्थ बॉम्बर बी-2 ने ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह कर दिया था। ईरानी सेना का एयर डिफेंस सिस्टम और रडार अमेरिकी बी-2 बॉम्बर का पता लगाने में नाकाम रहे थे. यानी बी-2 बॉम्बर से निपटना ईरान के लिए मुश्किल नहीं, बल्कि लगभग असंभव है।

अमेरिकी F-35 और F-22 दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में गिने जाते हैं। ये दोनों ही पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं। वहीं, ईरानी वायुसेना आज भी दशकों पुराने लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करती है. ऐसे में अमेरिकी वायुसेना के सामने ईरानी वायुसेना टिक पाएगी, यह नामुमकिन लगता है। अमेरिकी वायुसेना के बेड़े में ऐसे लड़ाकू विमान भी हैं, जिन्हें ट्रैक, ट्रेस और टारगेट करने की क्षमता ईरान के पास नहीं है। अमेरिकी MQ-9 रीपर एक खतरनाक ड्रोन है, जो 50 हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ान भरता है और 1850 किलोमीटर तक टारगेट को हिट कर सकता है. वॉशिंगटन इसे ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े हमलों के लिए इस्तेमाल कर सकता है, और यह ड्रोन 27 घंटे से लेकर 42 घंटे तक उड़ान भर सकता है।
Edited By: Navin Rangiyal
ये भी पढ़ें
इंदौर के बाद अब महू में गंदे पानी का कहर, एक ही मोहल्ले के 25 लोग बीमार, पीलिया, टाइफाइड भी