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Written By UN
Last Modified: बुधवार, 21 जनवरी 2026 (18:28 IST)

यूक्रेन : ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने पर गहरा क्षोभ, हमले रोकने का आग्रह

Russia-Ukraine war case
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने यूक्रेन में ऊर्जा सम्बन्धी बुनियादी ढांचों पर रूसी सैन्यबलों के व्यापक हमले निरन्तर जारी रहने पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया है। बीती रात हुए हमलों में राजधानी कीव और ओडेसा समेत कई बड़े शहरी इलाक़ों में कठोर सर्दी के बीच बिजली आपूर्ति व तापन व्यवस्था (heating) ठप हो गई है।
 
उच्चायुक्त टर्क ने मंगलवार को जारी अपने एक वक्तव्य में कहा कि ये परिस्थितियां एक ऐसे समय में उपजी हैं जब यूक्रेन के लोग अत्यधिक ठंड का सामना कर रहे हैं और रात में तापमान -10 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क रहा है। आम नागरिक इन हमलों का ख़ामियाज़ा भुगत रहे हैं। इन्हें क्रूरतापूर्ण ही कहा जा सकता है। इन्हें रोका जाना होगा।
मानवाधिकार मामलों के शीर्ष अधिकारी ने ध्यान दिलाया कि आम लोगों और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए गए हमले युद्ध के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हैं। सोमवार रात हुए हमलों में लम्बी दूरी तक मार करने वाले हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे यूक्रेन के कई क्षेत्रों में आपात स्थिति पैदा हो गई है और बिजली व हीटिंग बन्द है।
 
राजधानी कीव के मेयर ने बताया कि मंगलवार को 5,635 बहुमंज़िला रिहायशी इमारतों में तापन व्यवस्था का अभाव था। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत इमारतों में हीटिंग की आपूर्ति को 9 जनवरी को हुए हमलों के बाद कुछ ही दिन पहले बहाल किया गया था। 
उच्चायुक्त टर्क ने कहा कि इसका अर्थ है कि लाखों परिवारों के पास अब तापन व्यवस्था नहीं है और अनेक इलाक़ों में जल आपूर्ति भी ठप है, जिनमें कीव का एक बड़ा हिस्सा भी है। उनके अनुसार, इन परिस्थितियों का सबसे निर्बल आबादी पर गहरा असर हुआ है, जिनमें बच्चे, बुज़ुर्ग और विकलांगजन हैं।
 
मानवाधिकार मामलों के प्रमुख ने चिन्ता जताई कि यूक्रेन की नागरिक आबादी पर इन हमलों का भीषण असर होने के बारे में विस्तृत, सार्वजनिक रूप से जानकारी उपलब्ध होने के बावजूद बड़े स्तर पर इन हमलों को अंजाम दिया जा रहा है। पिछले वर्ष अक्टूबर के बाद से, रूसी सैन्यबलों ने व्यवस्थागत ढंग से यूक्रेन के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को नए सिरे से निशाना बनाना फिर शुरू किया है और अब तक देश के कम से कम 20 क्षेत्रों में इन हमलों को दर्ज किया जा चुका है।
यूएन मानवाधिकार उच्चायुक्त ने रूसी प्रशासन से इन हमलों को तुरन्त रोके जाने का आग्रह करते हुए कहा है कि आम लोगों को इस तरह पीड़ा में देखना बहुत दुखद है। इस वर्ष फ़रवरी में यूक्रेन पर रूसी सैन्यबलों द्वारा पूर्ण स्तर पर किए गए आक्रमण को चार वर्ष पूरे हो रहे हैं। कुछ ही दिन पहले, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष ने कहा था कि इस युद्ध की वजह से बच्चों का पूरा ध्यान अपने बचपन के बजाय, किसी तरह जीवित रहने के बारे में सोचने तक सीमित हो गया है।
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