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आखिर ऐसा क्या था इस शख्स की हार्ड ड्राइव में जिसके गुम हो जाने पर मांग ली NASA से मदद
जेम्स हॉवेल्स नाम के इस इंजीनियर ने गलती से हार्ड ड्राइव कचरे में फेंक दी थी, जिसमें एक क्रिप्टोग्राफिक प्राइवेट की स्टोर थी। ये चाभी जेम्स के पास मौजूद हज़ारों करोड़ के खजाने की चाभी है।
अगर हार्ड ड्राइव मिली तो ये शख्स झटके में बहुत अमीर हो जाएगा, लेकिन अगर ये नहीं मिली तो उसे ज़िंदगी भर का मलाल रह जाएगा।
The Sun की रिपोर्ट के मुताबिक जेम्स हॉवेल्स ने साल 2013 में गलती से न्यूपोर्ट वेल्स में अपनी हार्ड ड्राइव गलती से कूड़े में फेंक दी थी। इसमें बिटकॉइन की प्राइवेट की स्टोर थी। आज जब बिटकॉइन की कीमत इतनी ज्यादा हो चुकी है तो जेम्स के बिटकॉइन की कीमत करीब 340 मिलियन पाउंड हो चुकी है। भारतीय मुद्रा में ये रकम 34,33,98,35,916 रुपये होती है।
हार्ड ड्राइव ढूंढने के लिए जेम्स हॉवेल्स अमेरिकन स्पेस एजेंसी नासा के डेटा एक्सपर्ट की मदद ले रहे हैं। जेम्स हॉवेल्स ने स्थानीय प्रशासन को ये भी ऑफर किया है कि वे अपनी कुल रकम का कुछ हिस्सा कोविड रिलीफ फंड में दान करेंगे, हालांकि आधिकारिक रूप से किसी ने भी उनका ये ऑफर स्वीकार नहीं किया है।
यहां तक कि कचरे के ढेर में उन्हें भी कोई जाकर हार्ड ड्राइव ढूंढने नहीं दे रहा है। परेशान जेम्स ने दुनिया भर के इंजीनियर्स, पर्यावरणविद और डेटा रिकवरी विशेषज्ञों से उनकी मदद के लिए कह चुके हैं।
वे अब NASA के साथ-साथ ऑनट्रैक कंपनी की मदद भी ले रहे हैं। डेटा रिकवरी फर्म का मानना है कि अगर उनकी ड्राइव टूटी नहीं होगी तो उनका डेटा 80 से 90 फीसदी रिकवर होने की संभावना है।
अगर हार्ड ड्राइव मिली तो ये शख्स झटके में बहुत अमीर हो जाएगा, लेकिन अगर ये नहीं मिली तो उसे ज़िंदगी भर का मलाल रह जाएगा।
The Sun की रिपोर्ट के मुताबिक जेम्स हॉवेल्स ने साल 2013 में गलती से न्यूपोर्ट वेल्स में अपनी हार्ड ड्राइव गलती से कूड़े में फेंक दी थी। इसमें बिटकॉइन की प्राइवेट की स्टोर थी। आज जब बिटकॉइन की कीमत इतनी ज्यादा हो चुकी है तो जेम्स के बिटकॉइन की कीमत करीब 340 मिलियन पाउंड हो चुकी है। भारतीय मुद्रा में ये रकम 34,33,98,35,916 रुपये होती है।
यहां तक कि कचरे के ढेर में उन्हें भी कोई जाकर हार्ड ड्राइव ढूंढने नहीं दे रहा है। परेशान जेम्स ने दुनिया भर के इंजीनियर्स, पर्यावरणविद और डेटा रिकवरी विशेषज्ञों से उनकी मदद के लिए कह चुके हैं।
वे अब NASA के साथ-साथ ऑनट्रैक कंपनी की मदद भी ले रहे हैं। डेटा रिकवरी फर्म का मानना है कि अगर उनकी ड्राइव टूटी नहीं होगी तो उनका डेटा 80 से 90 फीसदी रिकवर होने की संभावना है।
