वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का सेल्स पर्सन से वित्‍त मंत्री बनने तक का सफर, जानें 7 रोचक तथ्‍य


आइए जानते हैं के बारे में 10 रोचक तथ्‍य -


- निर्मला सीतारमण का जन्म 18 अगस्त 1959 को मदुरै में हुआ था। उनके पिता का नाम नारायण सीतारमण हैं और माता का नाम सावित्री था।

पिता जी रेलवे में थे और मां गृहिणी थी।

- निर्मला सीतारमण ने तिरुचिरापल्ली के सीतालक्ष्‍मी रामास्वामी कॉलेज में अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। इसके बाद जेएनयू से मास्टर्स और एमफिल किया।

-निर्मला सीतारमण को कॉलेज के दौरान परकाला प्रभाकर से मुलाकात हुई और इसके बाद दोनों साथ रहने लगे। साल 1986 में शादी कर ली। शादी के बाद निर्मला सीतारमण लंदन चली गईं। वहां उन्‍होंने रीजेंट स्ट्रीट में एक होम डेकोर स्टोर में सेल्स पर्सन का काम किया था। इसके बाद कई दिनों तक बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के साथ काम किया। राजनीति में एंट्री से पहले वह शोध प्रबंधक के रूप में ऑडिट फर्म में भी काम कर चुकी हैं।

- 1991 में अपनी बेटी के जन्म के समय दोनों पति-पत्नी भारत लौट आए। उन दिनों पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के कारण चेन्नई में रोष था। जिस वजह से निर्मला सीतारमण को तीन दिनों तक अस्पताल में ही रहीं। बाद में डॉक्टर ने अपनी गाड़ी में सफेद झंडा लगाकर उन्हें घर भेजा था।

- इसके बाद हैदराबाद में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी स्टडीज के उप निदेशक के रूप में कार्य किया। 2003 से 2005 तक वह राष्‍ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रहीं।

- 2008 में भाजपा की सदस्य बनीं। निर्मला सीतारमण ने बहुत जल्दी प्रवक्ता के रूप में अच्छी पकड़ बना लीं और सुषमा स्वराज के बाद पार्टी में दूसरी प्रवक्ता बनकर उभरी। देखते ही देखते भाजपा का जाना-माना चेहरा बन गई।

- 2014 में भाजपा की सरकार बनी। इस दौरान वित्‍त राज्‍य मंत्री के तौर पर शपथ लीं। इसके बाद 2017 में देश की रक्षा मंत्री बनीं। और 2019 में केंद्रीय वित्त मंत्री के तौर पर पदभार ग्रहण किया।



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