चंद्रशेखर आजाद के बलिदान दिवस पर क्या कहते हैं महापुरुष, जानिए

Chandra Shekhar Azad
27 फरवरी 1931 को के रूप में देश का एक महान क्रांतिकारी योद्धा देश की आजादी के लिए अपना बलिदान दे गया, शहीद हो गया।
उनको श्रद्धांजलि देते हुए कुछ के कथन निम्न हैं-

* चंद्रशेखर की मृत्यु से मैं आहत हूं। ऐसे व्यक्ति युग में एक बार ही जन्म लेते हैं। फिर भी हमें अहिंसक रूप से ही विरोध करना चाहिए।
- महात्मा गांधी

* चंद्रशेखर आजाद की शहादत से पूरे देश में आजादी के आंदोलन का नए रूप में शंखनाद होगा। आजाद की शहादत को हिन्दोस्तान हमेशा याद रखेगा।
- पंडित जवाहरलाल नेहरू

* देश ने एक सच्चा सिपाही खोया।
- मुहम्मद अली जिन्ना

* पंडितजी की मृत्यु मेरी निजी क्षति है। मैं इससे कभी उबर नहीं सकता।
- महामना मदन मोहन मालवीय

किसी कवि की भावपूर्ण श्रद्धांजलि उस महान क्रांतिकारी के लिए-

जो सीने पर गोली खाने को आगे बढ़ जाते थे,
भारतमाता की जय कहकर फांसी पर जाते थे।

जिन बेटों ने धरती माता पर कुर्बानी दे डाली,
आजादी के हवन कुंड के लिए जवानी दे डाली।

उनका नाम जुबां पर लो तो पलकों को झपका लेना,
उनको जब भी याद करो तो दो आंसू टपका लेना।




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