शराब दुकान के विरोध में सड़क पर बैठी महिलाएं, 5 घंटे बंद हुआ मालवा मिल रोड, पुलिस की समझाइश पर दी मोहलत
मालवा मिल रोड पर शराब दुकान खोलने के विरोध में करीब 5 घंटे तक रोड दोनों तरफ से बंद रहा। बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरुषों ने सड़क पर बैठकर विरोध किया। इस दौरान रस्सी बांधकर दोनों तरफ से आने वाले वाहनचालकों को रोका गया। लोगों को रास्ता बदलकर जाना पड़ा।
दरअसल, मालवा मिल के रहवासी यहां खुलने वाली शराब की दुकान का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जो दुकान किराए से ली गई है उसके पीछे खुला मैदान है। जहां लोग खुले में बैठकर शराब पिएंगे और इसके बाद यहां अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देंगे। सुबह 8 बजे से यहां विरोध किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। यहां आबकारी विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। देर तक समझाइश देने के बाद प्रदर्शनकारी रास्ते से हटकर एक तरफ बैठकर विरोध करने के लिए राजी हुए।
बता दें कि यह शराब की दुकान मालवा मिल सड़क पर प्रस्तावित है। जिसे लेकर बुधवार सुबह से ही भारी विरोध प्रदर्शन और हंगामा देखने को मिला। राजकुमार ब्रिज के समीप खुलने वाली इस दुकान का स्थानीय रहवासी पिछले काफी समय से विरोध कर रहे हैं। जैसे ही आज सुबह क्षेत्र के लोगों को यह सूचना मिली कि प्रशासन दुकान को जल्द ही शुरू करने की तैयारी में है, वैसे ही बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने शासन और प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की और स्पष्ट किया कि वे किसी भी स्थिति में यहां शराब दुकान संचालित नहीं होने देंगे। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। लंबी चर्चा और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही रहवासी सड़क से हटने को तैयार हुए।
गैस चूल्हा रखा पोहा बनाकर खाया : विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से क्षेत्र की महिलाओं ने किया जो सुबह से ही मालवा मिल की मुख्य सड़क पर धरने पर बैठ गईं। यहां वे गैस चूल्हा लेकर बैठ गईं और नाश्ते में पोहा बनाकर खाया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि जब तक दुकान को यहां से हटाने का लिखित आदेश नहीं मिल जाता, तब तक वे अपना धरना समाप्त नहीं करेंगी। महिलाओं ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रिहाइशी इलाके में शराब दुकान खुलने से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी और महिलाओं का घर से निकलना दुश्वार हो जाएगा। स्थानीय निवासियों का यह भी तर्क है कि शराब दुकानों के आसपास असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे पारिवारिक माहौल पूरी तरह से खराब हो जाता है और असुरक्षा की भावना बनी रहती है। उनका कहना है कि यहां से कॉलोनी के कई बच्चे स्कूल बसों में बैठते हैं और बसों से उतरते हैं। ऐसे में बच्चे भी यह सब देखेंगे तो उन पर क्या असर होगा।
हमारा व्यापार ठप हो जाएगा : यहां के व्यापारियों ने जताई व्यापार ठप होने की आशंका जताई है। जिस स्थान पर शराब दुकान खोलने की योजना है, वह इंदौर के पुराने और प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक है। यहां मालवा मिल का ऐतिहासिक बाजार स्थित है जहां कपड़े, मसाले, मिठाई और किराने की अनेक पुरानी दुकानें संचालित होती हैं। इसके समीप ही एक व्यस्त सब्जी मंडी भी है जहां प्रतिदिन शाम को सैकड़ों की संख्या में महिलाएं खरीदारी के लिए पहुंचती हैं। स्थानीय व्यापारियों ने भी इस दुकान का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि शराब दुकान खुलने से इलाके की साख प्रभावित होगी। व्यापारियों का मानना है कि नशेड़ियों की आवाजाही के कारण महिलाएं और बच्चे बाजार आने से कतराएंगे।
पुलिस की सलाह पर माने रहवासी : कई घंटों के बाद पुलिस की सलाह पर रहवासी मानने को तैयार हुए। लेकिन सड़क छोड़कर एक तरफ उनका धरना जारी रहा। उन्होंने कहा कि जब तक दुकान लगाने के आदेश वापस नहीं ले लिए जाते, उनका विरोध जारी रहेगा।
Edited By: Naveen R Rangiyal
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें