कैलाश चंद्र पंत और डॉ. विकास दवे 'हिन्दी गौरव अलंकरण' से विभूषित

Last Updated: सोमवार, 1 मार्च 2021 (10:55 IST)
इंदौर। हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान ने रविवार को स्थानीय साउथ एवेन्यू होटल में
'हिन्दी गौरव अलंकरण' समारोह आयोजित कर वर्ष 2021 के 'हिन्दी गौरव अलंकरण' से मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के मंत्री एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार व साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश शासन के निदेशक डॉ. विकास दवे को किया। समारोह के मुख्य अतिथि नई दिल्ली से वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेदप्रताप वैदिक एवं चेन्नई के वरिष्ठ साहित्यकार एवं समीक्षक प्रो. बीएल आच्छा ने अध्यक्षता की।
सर्वप्रथम अतिथियों ने द्वीप प्रज्वलन कर समारोह की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद अतिथियों का स्वागत डॉ. नीना जोशी, शिखा जैन, नितेश गुप्ता, ऋतु गुप्ता एवं जलज व्यास ने किया। स्वागत उद्बोधन संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' ने दिया।
स्वागत उपरांत मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा कैलाशचंद्र पंत एवं डॉ. विकास दवे को 'हिन्दी गौरव अलंकरण' से विभूषित किया गया। अभिनंदन पत्र का वाचन डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. वैदिक ने कहा कि हिन्दी की गौरव गाथा जनमानस के बीच पहुंचनी चाहिए और इसके लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान अच्छा कार्य कर रहा है।
समारोह के अध्यक्ष प्रो. बीएल आच्छा ने कहा कि भाषाओं का आपसी समन्वय ही हिन्दी को बलवान बनाता है। नए शब्दों को हिन्दी में समाहित किया जाना चाहिए। हिन्दी गौरव पंत ने अपने वक्तव्य में भाषा के सौष्ठव की चर्चा करते हुए कहा कि शैक्षणिक क्षेत्रों में हिन्दी के महत्त्व को बढ़ाना अनिवार्य होगा, तभी प्रगति संभव है। साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे ने कहा कि हिन्दी का वैभव आंदोलन से नहीं, बल्कि विचारधारा और समन्वय से समृद्ध होगा। नई पीढ़ी को हिन्दी से जोड़ना होगा, तभी हिन्दी जनमानस तक पहुंचेगी।
'हिन्दी गौरव अलंकरण' समारोह में काव्य साधक मेरठ से कवयित्री शुभम त्यागी, झाबुआ से हिमांशु भावसार हिन्द, इंदौर से गौरव साक्षी एवं महेन्द्र पंवार व भोपाल से कवयित्री अपूर्वा चतुर्वेदी को 'काव्य गौरव सम्मान' से सम्मानित किया गया। इसी के साथ अर्चना प्रेम माथुर का कोरोना काल में सेवाओं के लिए सम्मान किया गया। समारोह का संचालन कवि अंशुल व्यास ने किया। इस अवसर पर नगर के वरिष्ठ साहित्यकार हरेराम वाजपेयी, राममूरत राही, स्टेट प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल, प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया के पूर्व महासचिव संजीव आचार्य, डॉ. कमल हेतावल, लव यादव, अजय जोशी आदि उपस्थित रहे।



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