मंगलवार, 20 जनवरी 2026
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Written By WD Feature Desk
Last Updated : बुधवार, 24 दिसंबर 2025 (12:25 IST)

Guru gochar 2026: बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर, विपरीत राजयोग से 4 राशियों को वर्ष 2026 में मिलेगा सबकुछ

ज्योतिष 2026
Jupiter's transit in Cancer in 2026: साल 2026 में बृहस्पति का 3 राशियों में रहेंगे। साल 2026 की शुरुआत में बृहस्पति ग्रह मिथुन राशि में रहेंगे। इसके बाद वे 2 जून 2026 से मिथुन से निकलकर अपनी उच्च की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे और अंत में 31 अक्टूबर 2026 तक कर्क में रहने के बाद वे सिंह राशि में गोचर करेंगे। गुरु के कर्क में गोचर से विपरीत राजयोग बनेगा। कर्क में रहकर बृहस्पति देव वृश्‍चिक, मकर और मीन राशि पर दृष्टि डालेंगे।
1. कर्क राशि: 2 जून को जब बृहस्प‍ित देव का कर्क राशि में गोचर होगा तब जातक के और भी ज्यादा अच्छे दिन प्रारंभ होंगे। जातक की कुंडली के पंचम, सप्तम और नवम भाव पर दृष्टि रहेगी। इसके चलते जातक के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी, नौकरी में अप्रत्याशित उन्नति होगी। कारोबार में मुनाफा दोगुना हो जाएगा। निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। संतान सुख मिलेगा। दांपत्य जीवन की सभी परेशानी खत्म होगी। अविवाहित हैं तो विवाह के प्रबल योग बनेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों को उच्‍च पद मिल सकता है।  
 
2. वृश्चिक राशि: आपकी कुंडली के अनुसार भाग्य भाव में बृहस्पति का गोचर अत्यंत ही शुभ साहित होगा। तीर्थ यात्रा से लाभ होगा। सेहत और व्यक्तित्व में सुधार होगा। पराक्रम और आत्मविश्‍वास में बढ़ोतरी होगी। भाई बहनों से सहयोग मिलेगा। संतान सुख मिलेगा। प्रेम संबंधों में सुधार होगा। शिक्षा और लेखन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ होगा। नौकरी में प्रगति और व्यापार में उन्नति होगी।
3. मकर राशि: आपकी कुंडली के अनुसार सप्तम भाव में बृहस्पति का गोचर दांपत्य जीवन और साझेदारी के कारोबार में अप्रत्याशित सुधार करेगा। अविवाहित लोगों के विवाह होने के प्रबल योग है। आय के मल्टिपल सोर्स से बहुत अधिक लाभ होगा। भाई बहनों से संबंधों में सुधार होगा और उनका सहयोग मिलेगा। कुल मिलाकर यह वर्ष आपके लिए रिश्‍तों में सुधार और आर्थिक हालात को ज्यादा बेहतर करेगा। 
 
4. मीन राशि: आपके लिए बृहस्पति का गोचर अत्यंत ही शुभ साबित होगा। वर्ष की शुरुआत में यह चतुर्थ भाव में रहकर सभी तरह की सुख और सुविधाओं का विस्तार करेगा। चल अचल संपत्ति में लाभ देगा। फिर कर्क में जाकर यह पंचम भाव का फल देगा। यहां यह प्रेम संबंधों, शिक्षा, नौकरी और संतान से संबंधित मामलों में बहुत लाभ देगा। यहां से वह भाग्य पर दृष्‍टि डालकर भाग्य को जगाएगा। आय भाव पर दृष्‍टि डालकर आय में बढ़ोतरी करेगा। लग्न पर दृष्‍टि डालकर यह सेहत और व्यक्तित्व में निखार लाएगा।