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और तुम वहाँ रुकी मिलो
पल्लव एक बार फिरकाश, एक बार फिरमैं निकलूँ उस मोड़ परऔर तुम वहाँ रुकी मिलोकरती हुई इंतजार।मैं नहीं जानताकि वह कौन हैजिसकी तुम्हें प्रतीक्षा है।मैं देखूँ तुम्हें क्षणभरअपलक, अकिंचनऔर वहाँ से चला जाऊँकाश, एक बार फिर।