सोमवार, 25 मई 2026
Choose your language
हिन्दी
English
தமிழ்
मराठी
తెలుగు
മലയാളം
ಕನ್ನಡ
ગુજરાતી
Follow us
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
IPL 2026
अन्य खेल
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
समाचार
योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश
मुख्य ख़बरें
राष्ट्रीय
अंतरराष्ट्रीय
इंदौर
प्रादेशिक
मध्यप्रदेश
छत्तीसगढ़
गुजरात
महाराष्ट्र
राजस्थान
काम की बात
ऑटो मोबाइल
क्राइम
फैक्ट चेक
व्यापार
मोबाइल मेनिया
बॉलीवुड
बॉलीवुड न्यूज़
हॉट शॉट
वेब स्टोरी
मूवी रिव्यू
आलेख
पर्यटन
खुल जा सिम सिम
आने वाली फिल्म
बॉलीवुड फोकस
सलमान खान
सनी लियोन
टीवी
मुलाकात
IPL 2026
अन्य खेल
धर्म-संसार
एकादशी
भविष्यवाणी
सनातन धर्म
श्री कृष्णा
रामायण
महाभारत
व्रत-त्योहार
धर्म-दर्शन
श्रीरामचरितमानस
ज्योतिष
दैनिक राशिफल
आज का जन्मदिन
आज का मुहूर्त
राशियां
लाल किताब
वास्तु-फेंगशुई
टैरो भविष्यवाणी
रामशलाका
चौघड़िया
आलेख
नवग्रह
रत्न विज्ञान
श्रीरामचरितमानस
×
Close
लाइफ स्टाइल
साहित्य
काव्य-संसार
Atal bihari Vajpayee Poems
Written By
सम्बंधित जानकारी
अटल जी को बहुत स्नेह रहा अपने पप्पी से, लिखी थीं उन पर कविता, बबली, लौली कुत्ते दो, कुत्ते नहीं खिलौने दो
आपातकाल के दौरान स्वाधीनता दिवस पर यह कविता रची थी अटल जी ने...
अटल बिहारी वाजपेयी की कविता : आओ फिर से दिया जलाएं
अटल बिहारी वाजपेयी की कविता : टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते
अटलजी की कविता : जंग न होने देंगे
कवि अटल जी की कविता : रोते-रोते रात सो गई
रोते-रोते रात सो गई
झुकी न अलकें
झपी न पलकें
सुधियों की बारात खो गई।
दर्द पुराना,
मीत न जाना,
बातों में ही प्रात: हो गई।
घुमड़ी बदली,
बूंद न निकली,
बिछुड़न ऐसी व्यथा बो गई।
ALSO READ:
जब जनता पार्टी टूटी थी तो यह रचा था कवि अटल ने...
ALSO READ:
अटल जी की कविता : क्या खोया, क्या पाया जग में
ALSO READ:
जब मौत से सामना हुआ अटल जी का तो उनकी कलम ने यह रचा
हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
हमारे साथ Telegram पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
वेबदुनिया पर पढ़ें :
समाचार
बॉलीवुड
ज्योतिष
लाइफ स्टाइल
धर्म-संसार
महाभारत के किस्से
रामायण की कहानियां
रोचक और रोमांचक
जरुर पढ़ें
किडनी की सफाई के लिए 3 घरेलू उपाय, डॉक्टर की सलाह से आजमाएं
Kidney Cleansing: किडनी (वृक्क) हमारे शरीर का फिल्टर है, जो रक्त से गंदगी और विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालती है। इसे स्वस्थ और साफ रखने के लिए किचन में मौजूद कुछ चीजें बहुत प्रभावी हो सकती हैं। किडनी की प्राकृतिक सफाई के लिए यहाँ कुछ प्रमुख घरेलू उपाय दिए गए हैं।
Summer diet plan: गर्मी से बचने के लिए जानें आयुर्वेदिक पेय और डाइट प्लान
summer health care: आयुर्वेद में पेय का महत्व सिर्फ प्यास बुझाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर के वात, पित्त और कफ (त्रिदोष) के संतुलन और स्वास्थ्य सुधार में मदद करता है। यह शरीर की ताजगी, पाचन शक्ति, और ऊर्जा बढ़ाने के लिए उपयुक्त होता है। यहां हर दिन के लिए नाश्ता, दोपहर, शाम और रात के खान-पान के बारे में जानकारी दी गई हैं...
Nautapa and health: नौतपा में ऐसे रखें सेहत का ध्यान, जानें 10 सावधानियां
nautapa se bachaav tips: ज्येष्ठ मास के वे 9 दिन जब सूर्य पृथ्वी के सबसे करीब होता है वह नौतपा, जिसमें भीषण गर्मी और लू का प्रकोप अपने चरम पर होता है। इस दौरान शरीर का तापमान संतुलित रखना और डिहाइड्रेशन से बचना सबसे बड़ी चुनौती होती है। नौतपा के दौरान अपनी सेहत को सुरक्षित रखने के लिए यहां 10 महत्वपूर्ण सावधानियां दी गई हैं:
Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण
What is Nautapa: नौतपा भारतीय ज्योतिष और लोक परंपरा का एक ऐसा शब्द है, जो भीषण गर्मी का प्रतीक माना जाता है। जब सूर्य की तपिश अपने चरम पर होती है और धरती 'भट्टी' की तरह तपने लगती है, तब उस समय को नौतपा कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो उसके शुरुआती 9 दिनों को नौतपा कहा जाता है।
cold water: ज्यादा ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानें सच
summer season health tips: गर्मियों में चिलचिलाती धूप से आते ही फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी पीना स्वर्ग जैसा अहसास देता है, लेकिन क्या यह आपकी सेहत के लिए सही है? आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही 'अत्यधिक ठंडे पानी' को लेकर कुछ चेतावनी देते हैं। यहां जानें कि बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीना सही है या गलत:
वीडियो
और भी वीडियो देखें
नवीनतम
आल्हा जयंती कैसे और कब मनाई जाती है?
Legendary warriors Alha-Udal: आल्हा जयंती परंपरागत भारतीय लोक और धर्म संस्कृति में एक महत्वपूर्ण उत्सव है, खासकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है। इन्हें भक्ति, वीरता और न्यायप्रियता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है...
summer cooling tips: नौतपा में आग उगलेगी धरती, जानें Nautapa में घर पर राहत पाने के 7 घरेलू तरीके
relief from heatstroke at home: नौतपा की तपन से बचने के लिए केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि अपने आस-पास के वातावरण को भी ठंडा रखना जरूरी है। बिना एसी (AC) के भी आप कुछ पारंपरिक और देसी घरेलू तरीकों से अपने घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रख सकते हैं।
गंगा दशहरा जल के प्रति कृतज्ञता का पर्व
भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में नदियों को मात्र जल स्रोत नहीं, बल्कि देवी के रूप में पूजा जाता है। इनमें गंगा का स्थान सर्वोपरि है। गंगा दशहरा या गंगावतरण ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला प्रमुख त्यौहार है। इस दिन को गंगा दशहरा, गंगा दशमी या दशहरा के नाम से जाना जाता है। यह पर्व गंगा नदी के पृथ्वी पर अवतरण की स्मृति में मनाया जाता है।
Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण
What is Nautapa: नौतपा भारतीय ज्योतिष और लोक परंपरा का एक ऐसा शब्द है, जो भीषण गर्मी का प्रतीक माना जाता है। जब सूर्य की तपिश अपने चरम पर होती है और धरती 'भट्टी' की तरह तपने लगती है, तब उस समय को नौतपा कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो उसके शुरुआती 9 दिनों को नौतपा कहा जाता है।
Nautapa 2026: 25 मई से नौतपा: भीषण गर्मी के दिन, जानें महत्व, पर्यावरण और सेहत पर प्रभाव
nautapa health care: इस बार 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहने वाला है। नौतपा केवल थकावट या पसीने की समस्या नहीं है; यह शरीर के हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस पर भी असर डालता है। यदि समय रहते सावधानियां न बरती जाएं, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में बदल सकता है।