ND एक शाम प्रेमसुख झील किनारे बैठा था। तभी एक आदमी ने झील में छलांग लगाई, लेकिन वापस बाहर नहीं आया। थोड़ी देर बाद एक और व्यक्ति कूदा लेकिन वह भी वापस नहीं आया।प्रेमसुख कुछ सोचते हुए बड़बड़ाया - इसका मतलब मनुष्य भी पानी में घुलनशीन होता है।...