एक जगह संगीत की महफिल चल रही थी। गायक प्रेमसुख ने जैसे ही गाना गाया सब बोले - 'एक बार फिर।' गायक ने फिर गाना सुना दिया, सब लोग बोले, 'एक बार फिर।' गायक ने फिर गाना सुनाया, अबकी बार फिर सब बोले - 'एक बार फिर।' अब प्रेमसुख से रहा नहीं गया, उसने कहा - 'मेरे प्यारे सुनने वालो, मैं आपका अपने लिए प्यार समझता हूं...। पर मेरी भी कुछ मर्यादा है। मैं इतनी बार नहीं गा सकता।' तभी महफिल में बैठा एक आदमी बोला - जब तक तुम ठीक से नहीं गाओगे, तब तक तुमको गाते रहना पड़ेगा!