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Last Updated : मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026 (12:44 IST)

तृप्ति डिमरी बनीं नई पावर परफॉर्मर: छोटे रोल से बड़ी पहचान तक

Triptii Dimri
बॉलीवुड में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो धीरे-धीरे, बिना शोर किए अपनी जगह बनाते हैं, लेकिन जब उनका सही वक्त आता है तो वे अचानक हर तरफ छा जाते हैं। तृप्ति डिमरी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। लंबे समय तक उन्हें एक बेहतरीन और संवेदनशील अभिनेत्री के रूप में पहचाना गया, लेकिन जिस फिल्म ने उन्हें आम दर्शकों के बीच “स्टार” बना दिया, वह थी रणबीर कपूर की ‘एनिमल’।
 

‘Animal’ में छोटा रोल, लेकिन सबसे बड़ा असर

‘एनिमल’ में तृप्ति का स्क्रीन टाइम ज्यादा नहीं था, लेकिन उनकी मौजूदगी ने फिल्म में एक अलग ही ऊर्जा जोड़ दी। रणबीर कपूर, अनिल कपूर और रश्मिका मंदाना जैसे बड़े कलाकारों के बीच तृप्ति ने अपने छोटे लेकिन बोल्ड रोल से दर्शकों का ध्यान खींच लिया।
 
उनका किरदार ऐसा था जो फिल्म की कहानी में अचानक आता है, लेकिन आते ही चर्चा का केंद्र बन जाता है। इस रोल ने तृप्ति को रातों-रात सोशल मीडिया पर ट्रेंड करा दिया और उन्हें एक नई पहचान मिली एक ऐसी अभिनेत्री की, जो कैमरे के सामने बिना झिझक, बिना बनावट के परफॉर्म कर सकती है।

 

‘ओ रोमियो’ में करियर का सबसे दमदार अभिनय

‘एनिमल’ के बाद तृप्ति को लेकर दर्शकों की उम्मीदें बढ़ गई थीं। और हाल ही में रिलीज ‘ओ रोमियो’ में उन्होंने साबित कर दिया कि वह सिर्फ “बोल्ड” नहीं, बल्कि गहराई वाली परफॉर्मर भी हैं।
 
इस फिल्म में तृप्ति एक ऐसी विधवा के किरदार में हैं, जो अपने पति के कातिलों से बदला लेना चाहती है। वह बदले की आग में इतनी डूबी होती है कि उसके सामने दुनिया की कोई और चीज मायने नहीं रखती।
 
कहानी में एक किरदार उस्तरा है, जिसे वह सुपारी देती है। उस्तरा उसे चाहता है, लेकिन तृप्ति का किरदार भावनात्मक रूप से पूरी तरह टूट चुका है। वह किसी को नहीं चाहती, वह सिर्फ अपने पति की यादों और बदले के जुनून को जी रही होती है।
 
इस कठिन रोल को तृप्ति ने जिस तरह निभाया, वह बताता है कि वह आज की उन अभिनेत्रियों में हैं जो भावनाओं को “दिखाती” नहीं, “जीती” हैं।
 

पहले भी दिखा चुकी हैं अपनी ताकत

यह पहली बार नहीं है जब तृप्ति ने खुद को साबित किया हो। इससे पहले भी उन्होंने ऐसे किरदार चुने जो आसान नहीं थे।
 
फिल्म ‘लैला मजनू’ में तृप्ति की मासूमियत और दर्द ने उन्हें एक अलग पहचान दी। वहीं ‘बुलबुल’ में उनका किरदार रहस्यमय और भावनात्मक था, जहां उन्होंने अभिनय के साथ-साथ अपनी स्क्रीन प्रेजेंस भी साबित की।
 
इसके बाद ‘कला’ जैसे साइकोलॉजिकल ड्रामे में उन्होंने एक ऐसे किरदार को निभाया, जो अंदर से टूटा हुआ है, लेकिन बाहर से मुस्कुराता है और यही परफॉर्मेंस की असली परीक्षा होती है।
 

अब तृप्ति डिमरी क्यों हैं चर्चा में?

आज तृप्ति डिमरी सिर्फ एक खूबसूरत चेहरा नहीं हैं, बल्कि वह उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में गिनी जा रही हैं जो किरदारों के साथ रिस्क लेती हैं।
 
‘एनिमल’ ने उन्हें लोकप्रियता दी और ‘ओ रोमियो’ ने उन्हें अभिनय की मजबूती। यही कॉम्बिनेशन किसी भी कलाकार को लंबे समय तक टिकाता है।
 
अब सवाल यह नहीं कि तृप्ति स्टार बन चुकी हैं या नहीं… सवाल यह है कि वह आगे किस तरह के किरदारों से दर्शकों को चौंकाने वाली हैं।