• Webdunia Deals
  1. लाइफ स्‍टाइल
  2. साहित्य
  3. हिन्दी दिवस
  4. Hindi Poems

हिन्दी की राहों में बहुत रोड़े हैं...

हिन्दी की राहों में बहुत रोड़े हैं... - Hindi Poems
अंग्रेजी जो बतियाते उनसे,
हाथ हमने जोड़े हैं। 
हिन्दी की राहों में आज भी,
बहुत रोड़े हैं।
 
अंग्रेजी ही बोलने पर,
मिलती है अच्छी पदवी।
हिन्दी जो बोलता है,
रहता हमेशा रद्दी।
 
हिन्दी ही बोलकर हमने,
आशाओं को तोड़े हैं।
हिन्दी की राहों में आज भी,
बहुत रोड़े हैं।
 
पढ़ा-लिखा बहुत हूं,
समझता हूं अंग्रेजी।
मन नहीं है कहता,
न मैंने अंग्रेजी बोली।
 
हिन्दी के रचयिता,
आज भी बहुत थोड़े हैं।
हिन्दी की राहों में आज भी,
बहुत रोड़े हैं।
ये भी पढ़ें
स्वास्थ्य लक्ष्यों को पूरा करने में बहुत पीछे है भारत