डायबिटीज की कारगर आयुर्वेदिक दवा है दालचीनी
Ayurvedic Remedies for Diabetes:
दालचीनी एक मसाला है, जो आमतौर पर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाता है। दालचीनी में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।आज के समय में खराब लाइफस्टाइल से कई रोगों का ख़तरा बढ़ा है। डायबिटीज और पीसीओएस ऐसी ही गंभीर बीमारियां हैं। ये दोनों ही बीमारियां अन्य रोगों का भी कारण बनती हैं। बड़ी बात ये है कि ये दोनों ही कम उम्र के लोगों को भी प्रभावित कर रही हैं।
डायबिटीज को कंट्रोल करती है दालचीनी
दालचीनी की लकड़ी के साथ ही आप इसके पाउडर का भी उपयोग कर सकते हैं। नियमित रूप से दालचीनी का सेवन करने से आपकी ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है। डायबिटीज के कारण आपके शरीर में इंसुलिन का उत्पादन और प्रोसेस प्रभावित होते हैं। दालचीनी शरीर की कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती है, जिससे ग्लूकोज रक्त से कोशिकाओं में सरलता से पहुंच पाता है। दालचीनी शरीर में कार्ब्स टूटने की प्रोसेस को धीमा करती है। हालांकि इस पावरफुलमसाले का सेवन सीमितरूप से ही करना चाहिए।
पीसीओएस को प्रभावी तरीके से करती है कम
पीसीओएस एक गंभीर परेशानी है जो भारतीय महिलाओं में तेज़ी से बढ़ रही है। यह कम उम्र की लड़कियों को भी प्रभावित कर रही है। अध्ययन बताते हैं कि पीसीओएस और डायबिटीज के बीच गहरा संबंध है। 40 वर्ष की उम्र की आधी से अधिक महिलाएं यदि पीसीओएस से पीड़ित हैं तो सम्भावना है कि वे डायबिटीज का भी शिकार हो सकती हैं।
दालचीनी का सेवन इस तरह करें
अपनी डाइट में नियमित रूप से दालचीनी को शामिल करने के लिए आप चाय, कॉफी या दाल, दलिया, राजमा, छोले, चावल में दालचीनी पाउडर मिला सकते हैं। दालचीनी स्टिक को पानी में उबालकर उसकी चाय भी बना सकते हैं। पानी की बोतल में दालचीनी स्टिक डालकर दिनभर इस पानी का सेवन करने से भी लाभ होता है। साथ ही रात को सोते समय आधा चम्मच दालचीनी पाउडर एक गिलास पानी में मिलाकर रख दें और सुबह उठकर खाली पेट इस पानी का सेवन करने से भी बहुत फायदा मिलता है।

