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सर्वप्रथम गणेश चतुर्थी का उपवास किसने और क्यों रखा

Updated: बुधवार, 6 दिसंबर 2017 (10:19 IST)
एक बार, श्रीगणेश स्वर्ग की यात्रा कर रहे थे तभी वह चंद्रमा से मिले। उसे अपनी सुन्दरता पर बहुत घमण्ड था और वह गणेश जी की विशेष आकृति देख कर हंस पड़ा। तब गणेश जी ने उसे श्राप दे दिया। चंद्रमा बहुत उदास हो गया और गणेश से उसे माफ करने की प्रार्थना की। अंतत: भगवान गणेश ने उसे श्राप से मुक्त होने के लिये पूरी भक्ति और श्रद्धा के साथ गणेश चतुर्थी का व्रत रखने की सलाह दी। इस प्रकार पहले व्यक्ति जिसने गणेश चतुर्थी का उपवास रखा था वे चंद्रमा थे।

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वायु पुराण के अनुसार, यदि कोई भी भगवान कृष्ण की कथा को सुनकर व्रत रखता है तो वह (स्त्री/पुरुष) गलत आरोप से मुक्त हो सकता है। कुछ लोग इस दिन विशेष रूप से अपने आप को बीमारियों से दूर रखने के लिए झील का पानी का पानी पीते हैं। लोग शरीर और परिवेश से सभी 
 
नकारात्मक ऊर्जा और बुराई की सत्ता हटाने के उद्देश्य से विशेष रूप से गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश के आठ अवतार (अर्थात् अष्टविनायक) की पूजा करते हैं। यह माना जाता है कि गणेश चतुर्थी पर पृथ्वी पर नारियल तोड़ने की क्रिया वातावरण से सभी नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करने में सफलता को सुनिश्चित करता है।

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लेखक के बारे में
आचार्य राजेश कुमार
दिव्यांश ज्योतिष केंद्र, लखनऊ.... और पढ़ें
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