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मिस्र के साथ हुई नाइंसाफी, अर्जेंटीना के पक्ष में थे रेफरी, उठे कई सवाल
अर्जेंटीना के खिलाफ FIFA World Cup के प्री-क्वार्टर फाइनल में 3-2 की विवादित हार के बाद मिस्र में रेफरिंग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सरकारी अधिकारियों, कोच और वैश्विक खेल हस्तियों ने मैच अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्णायक रेफरिंग गलतियों के कारण मिस्र क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने से वंचित रह गया।मिस्र की टीम मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ मुकाबले में 79वें मिनट तक 2-0 से आगे थी, लेकिन अंतिम 11 मिनट में तीन गोल खाकर 3-2 से हार गयी।
विवाद का केंद्र 62वें मिनट में मुस्तफा ज़िको का वह गोल रहा, जिसे वीएआर समीक्षा के बाद बिल्ड-अप में मिस्र के खिलाड़ी द्वारा फाउल मानते हुए रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, मैच के अंतिम क्षणों में मोहम्मद सलाह को पेनाल्टी बॉक्स के भीतर गिराये जाने पर भी मिस्र को पेनाल्टी नहीं दी गयी। इसी के तुरंत बाद अर्जेंटीना ने पलटवार करते हुए 92वें मिनट में विजयी गोल दाग दिया।मिस्र के खेल मंत्री गोहर नबील ने कहा कि राष्ट्रीय टीम के साथ “स्पष्ट रेफरिंग अन्याय” हुआ और मैच के नतीजे में रेफरी के फैसलों ने निर्णायक भूमिका निभायी।
मुख्य कोच होसम हसन ने दावा किया कि मैदान पर मिस्र बेहतर टीम था। उन्होंने आरोप लगाया कि मैच से पहले फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर की नियुक्ति को लेकर अर्जेंटीना की ओर से बनाये गये दबाव का असर रेफरी के फैसलों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि मिस्र को स्पष्ट पेनाल्टी से वंचित किया गया और वैध गोल भी गलत तरीके से रद्द कर दिया गया।
मिस्र ने पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचकर अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम ग्रुप-जी में उपविजेता रही थी और राउंड ऑफ-32 में ऑस्ट्रेलिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी।
विवाद का केंद्र 62वें मिनट में मुस्तफा ज़िको का वह गोल रहा, जिसे वीएआर समीक्षा के बाद बिल्ड-अप में मिस्र के खिलाड़ी द्वारा फाउल मानते हुए रद्द कर दिया गया। इसके अलावा, मैच के अंतिम क्षणों में मोहम्मद सलाह को पेनाल्टी बॉक्स के भीतर गिराये जाने पर भी मिस्र को पेनाल्टी नहीं दी गयी। इसी के तुरंत बाद अर्जेंटीना ने पलटवार करते हुए 92वें मिनट में विजयी गोल दाग दिया।मिस्र के खेल मंत्री गोहर नबील ने कहा कि राष्ट्रीय टीम के साथ “स्पष्ट रेफरिंग अन्याय” हुआ और मैच के नतीजे में रेफरी के फैसलों ने निर्णायक भूमिका निभायी।
मुख्य कोच होसम हसन ने दावा किया कि मैदान पर मिस्र बेहतर टीम था। उन्होंने आरोप लगाया कि मैच से पहले फ्रांसीसी रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर की नियुक्ति को लेकर अर्जेंटीना की ओर से बनाये गये दबाव का असर रेफरी के फैसलों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि मिस्र को स्पष्ट पेनाल्टी से वंचित किया गया और वैध गोल भी गलत तरीके से रद्द कर दिया गया।
Egypt bottled a lead but were robbed in the end.
— Younes H-Hamou (@youneshhamou_) July 7, 2026
90+1:14 - Mac Allister fouls Hamdy Fathy's shirt in the box and brings him down. No VAR look and Enzo scores right after to make it 3-2.
Same old, same old to get it over the line for Argentina. pic.twitter.com/E9Vfszp3lC
Can someone explain to me why Egypt wasnt awarded a penalty here? pic.twitter.com/4AFAJ9NCju
— LakeShowYo (@LakeShowYo) July 7, 2026
An Argentine fan caught the full disallowed goal on camera.
इस बीच, मिस्र फुटबॉल संघ के अध्यक्ष हानी अबू रीदा ने फीफा को औपचारिक शिकायत भेजकर रेफरी फ्रांस्वा लेटेक्सिएर और उनकी टीम की जांच की मांग की है। संघ ने आरोप लगाया कि मैच अधिकारियों ने “गंभीर रेफरिंग गलतियां” कीं और दोहरे मानदंड अपनाए, जिसकी वजह से मिस्र टूर्नामेंट से बाहर हो गया।The one that would've been Egypt's second.
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) July 8, 2026
Drama captured in real time.
Writer: Solpic.twitter.com/Go1lgYIUWy https://t.co/hsTTEUpp7H
मिस्र ने पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचकर अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम ग्रुप-जी में उपविजेता रही थी और राउंड ऑफ-32 में ऑस्ट्रेलिया को पेनाल्टी शूटआउट में हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी।
