2 करोड़ की कार से रईसजादे ने ली 2 होनहार इंजीनियरों की जान, निबंध लिख मिली जमानत, लोग बोले ये कैसा न्याय?
- क्या है नया प्रस्तावित हिट एंड रन कानून?
- क्यों आमने सामने हुए जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड और पुणे पुलिस?
- हादसे में दो इंजीनियरों की मौत से बिखरा उनका परिवार
इसी तरह कई लोगों ने सोशल मीडिया में घटना और जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के जमानत देने के फैसले की आलोचना की है।(१) बार में दारू गटकते हुए वीडियो होने के बाद भी पुलिस व मेडिकल जाँच में युवक के खून में अलकोहल नहीं मिला ?
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) May 21, 2024
(२) रईसज़ादे को ज़मानत सादर भेंट करने के लिए रविवार के दिन माननीय कोर्ट भी खुल गया ?
(३) दो होनहार युवाओं को अपने रईस बिल्डर बाप की करोड़ों की गाड़ी से दो सौ की स्पीड…
निबंध लिखवाकर जमानत : हादसे के बाद पुणे पुलिस ने नाबालिग के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद उसे हिरासत में ले लेकर जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया था। लेकिन वहां से निबंध लिखवाकर उसे जमानत दे दी गई। लेकिन पुलिस का आरोप है कि बिल्डर का बेटा 17 साल का नाबालिग खुद स्वीकार कर चुका है कि वह शराब पीने का आदी है। हादसे के दौरान वह बिना रजिस्ट्रेशन की कार को 160 की स्पीड से दौड़ा रहा था। ऐसे में पुलिस उसके खिलाफ सख्त सजा की मांग लेकर अब सेशन कोर्ट में पहुंच गई है।
यूएस जाने वाला था अनीश : अनीश के एक दोस्त ने बताया कि अनीश पढ़ने में बेहद होशियार था। उसने कॉलेज में बहुत अच्छा परफॉर्म किया था। उसने बताया कि वो पढ़ाई और जॉब के सिलसिले में यूएस जाने वाला था, वो कोडिंग के बारे में बातें करता था। न सिर्फ उसका फ्यूचर बहुत ब्राइट था बल्कि वो बहुत विनम्र और सहज था। लेकिन इस हादसे ने उसकी जान ले ली। अनीश के दोस्तों ने बताया कि बहुत दिनों से सभी दोस्त मिले नहीं थे, इसलिए वे एक साथ एक रेस्टोरेंट में मिलकर डिनकर करने वाले थे। लेकिन ये अनहोनी हो गई।
कौन है रईसजादा जिसने ली जान: दरअसल, पुलिस के मुताबिक 17 साल का नाबालिग पुणे के बड़े बिल्डर का बेटा है। वह शराब पीकर तेज रफ्तार में कार दौड़ा रहा था। तभी उसने बाइक को टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार दो इंजीनियरों की मौत हो गई। हादसे में जबलपुर के शक्ति नगर सैनिक सोसायटी निवासी अश्विनी कोष्टा (26) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दोस्त अनीश अवधिया ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था।
बोर्ड ने बालिग मानने से किया था इनकार : अब कार से कुचलने वाले इस नाबालिग को 10 साल की सजा हो सकती है, क्योंकि पुलिस ने आरोपी को बालिग मानने और सख्त सजा का अनुरोध किया है। हालांकि पुलिस ने बोर्ड के सामने भी अपील की थी कि 17 साल के नाबालिग आरोपी को बालिग की तरह ट्रीट किया जाए और सख्त से सख्त सजा दी जाए। लेकिन बोर्ड ने उसे बालिग मानने से इनकार कर दिया था।
बेटी का आज अंतिम संस्कार : हादसे में एमपी के जबलपुर की बेटी के अश्विनी के पिता सुरेश कुमार कोष्टा मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी कार्यालय में पदस्थ थे। जबकि अश्विनी पुणे में एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं। परिजन शव लेकर सोमवार शाम जबलपुर पहुंचे हैं। मंगलवार को अंतिम संस्कार ग्वारीघाट में किया जाएगा।
किन शर्तों पर जुवेनाइल बोर्ड ने दी जमानत
- आरोपी सड़क दुर्घटना के प्रभाव और समाधान पर कम से कम 300 शब्दों में निबंध लिखेगा।
- 15 दिन ट्रैफिक पुलिस की मदद करेगा।
- मनोचिकित्सक से इलाज कराएगा।
- आरोपी के सामने भविष्य में दुर्घटना हुई तो उसे पीड़ितों की मदद करनी होगी।
Edited by Navin Rangiyal

