रूस ने WhatsApp पर लगाया पूरी तरह से बैन, अमेरिकी दादागिरी का दिया करारा जवाब
रूस में WhatsApp को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है। 11 फरवरी को WhatsApp ने बताया कि रूसी सरकार ने उसके सर्विसेज पर “फुल ब्लॉक” लागू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कदम सरकार द्वारा समर्थित एक नए “सुपर ऐप” Max को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। Meta के स्वामित्व वाले इस मैसेजिंग ऐप ने कहा है कि वह रूस में मौजूद 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स को जोड़े रखने की पूरी कोशिश कर रहा है।
अचानक कम हुए लाखों यूजर : Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार, रूस में लाखों लोग अचानक WhatsApp से कट गए। यूजर्स न तो मैसेज भेज पा रहे हैं और न ही कॉल कर पा रहे हैं। इससे आम लोगों के साथ-साथ बिजनेस यूजर्स को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्राइवेसी को लेकर उठे सवाल : आलोचकों को आशंका है कि Max ऐप का इस्तेमाल यूजर्स की निगरानी के लिए किया जा सकता है, हालांकि रूसी सरकारी मीडिया ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। Max ऐप को VKontakte (VK) ने डेवलप किया है। VK के को-फाउंडर पावेल ड्यूरोव थे, जो बाद में Telegram के मालिक बने। उन्होंने 2014 में अपनी हिस्सेदारी बेचकर रूस छोड़ दिया था। फिलहाल VK पूरी तरह राज्य के नियंत्रण में है।
WhatsApp पर सख्ती: इस बीच, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने सरकारी समाचार एजेंसी TASS को दिए वीडियो बयान में कहा कि WhatsApp की वापसी रूसी कानूनों के पालन पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा, अगर Meta कॉरपोरेशन कानून का पालन करती है और रूसी अधिकारियों के साथ संवाद करती है, तो समझौते की संभावना बन सकती है। लेकिन यदि कंपनी अडिग रुख अपनाती है और कानून के अनुरूप ढलने के लिए तैयार नहीं होती, तो कोई संभावना नहीं है फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के संचार नियामक रोसकोमनादज़ोर ने WhatsApp को अपने ऑनलाइन डायरेक्टरी से हटा दिया है। बताया जाता है कि रूस में इस ऐप के करीब 10 करोड़ यूजर्स हैं, जो इसे देश के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स में से एक बनाता है। इस कदम को रूस की डिजिटल नीति में एक और सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
कहा जा रहा है कि वहां लोग इन पॉपुलर ऐप्स को इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। बुधवार को रूस ने पॉपुलर मैसेजिंग ऐप Telegram पर रोक लगा दी थी। सरकार ऐसा इसलिए कर रही है, ताकि लोग सरकारी प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने लगें। रूस की नियामक संस्था 'रोसकोमनाडजोर' ने सुरक्षा का हवाला देते हुए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। अब अमेरिका के बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी रोक लग गई है। इन वेबसाइट्स के डोमेन नाम को रूस के राष्ट्रीय डोमेन नेम सिस्टम (DNS) से हटा दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुतिन सरकार ने सिर्फ अमेरिका के बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों पर भी रोक लगाई है। इससे प्रभावित हुई वेबसाइट्स में बीबीसी, डॉउचा वेले, रेडियो फ्री यूरोप रेडियो लिबर्टी शामिल हैं। इसके अलावा, टॉर ब्राउजर (Tor Browser) को भी ब्लॉक कर दिया गया है, जिसका इस्तेमाल गुमनाम ब्राउजिंग के लिए किया जाता था।
Edited By: Naveen R Rangiyal