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मोक्षदा एकादशी से खुल जाएंगे सफलता के द्वार, अवश्य करें ये 3 काम

Geeta Jayanti 2022
Mokshada Ekadashi 2022: हिन्दू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष मास के शुक्‍ल पक्ष में मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। इसी दिन गीता जयंती मनायी जाती है। इस साल गीता जयंती की 5159वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। मोक्षदा एकादशी अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 3 दिसंबर 2022 शनिवार को रहेगी और वैष्णव मत से 4 दिसंबर को रहेगी। इस दिन 3 कार्य अवश्‍य करना चाहिए।
 
1. व्रत अवश्‍य रखें : मान्यता है कि इस एकादशी का विधिवत व्रत रखने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। यानी उन्हें सभी तरह के बंधनों से मुक्ति मिलती है। देवता और पितर तृप्त होते हैं। इसके व्रत से मनुष्य के पापों का नाश हो जाता है। पापों का नाश होने से सफलता के द्वार खुल जाते हैं।
 
2. श्री कृष्‍ण पूजा : इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु के साथ ही श्रीकृष्‍ण की पूजा अवश्य करें। श्रीकृष्ण की आराधना करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है और सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है।
 
3. गीता का पाठ और वितरण : गीता जयंती के दिन गीता को पढ़ना या सुनना अत्यंत ही शुभ माना जाता है। इसी के साथ इस ग्रंथ को किसी को भेंट करना भी अत्यंत ही शुभ और फलदेने वाला है।
 
नोट : उपरोक्त में से यदि कोई भी कार्य नहीं कर सकते हैं तो इस दिन किसी गरीब, दिव्यांग, विधवा, सैनिक, सफाईकर्मी को यथशक्ति दान जरूर दें या मंदिर में दान दें। यह भी नहीं कर सकते हैं तो कम से कम गीता भवन में जाकर गीता पाठ को सुनें।
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