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Written By WD Feature Desk
Last Updated : शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 (11:59 IST)

Leprosy Eradication Day: कुष्ठ रोग निवारण दिवस: जानें कारण, लक्षण, प्रकार और रोकथाम

कुष्ठ रोग निवारण दिवस की फोटो
Leprosy treatment: कुष्ठ रोग, जिसे 'Hansens disease' भी कहा जाता है, एक पुरानी संक्रामक रोग है, जो मुख्यतः त्वचा, तंत्रिका तंत्र, ऊतकों और बाह्य अंगों को प्रभावित करता है। यह रोग बैक्टीरिया 'माइकोबैक्टीरियम लेप्री' के कारण होता है और यह धीरे-धीरे विकसित होता है। कुष्ठ रोग मानवता के सबसे पुराने रोगों में से एक है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि आजकल इसका इलाज संभव है और यह पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है।ALSO READ: Health tips: स्वस्थ जीवन के लिए 10 सरल और असरदार उपाय

  1. कुष्ठ रोग के कारण
  2. कुष्ठ रोग के लक्षण
  3. कुष्ठ रोग के प्रकार
  4. कुष्ठ रोग का फैलाव
  5. इलाज और रोकथाम
  6. कुष्ठ रोग-FAQs

1. कुष्ठ रोग के कारण

 
कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्री (Mycobacterium leprae) नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। यह बैक्टीरिया मुख्यतः नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) को प्रभावित करता है, जिसके कारण त्वचा पर धब्बे, सुन्नता, और अंगों की विकृति हो सकती है। यह रोग इंसान से इंसान में फैलता है, लेकिन यह बहुत आसानी से नहीं फैलता। इसके फैलने के लिए लंबे समय तक निकट संपर्क की आवश्यकता होती है, जैसे कि एक व्यक्ति के साथ महीनों या सालों तक रहने पर।

 

2. कुष्ठ रोग के लक्षण

 
कुष्ठ रोग के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं और इसमें निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
 
त्वचा पर धब्बे: शुरुआत में त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे या चोटें दिखने लगती हैं। ये धब्बे आमतौर पर सूजन, लालिमा या पपड़ी से रहित होते हैं।
 
सेंसिटिविटी की कमी: प्रभावित त्वचा क्षेत्र में दर्द, गर्मी या ठंडक का एहसास नहीं होता।
 
पैरों और हाथों में सुन्नता: शरीर के प्रभावित हिस्सों में संवेदनशीलता कम हो जाती है।
 
मांसपेशियों की कमजोरी: प्रभावित अंगों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और ठीक से काम नहीं करतीं।
 
आंखों की समस्या: यह रोग आंखों में भी प्रभाव डाल सकता है, जिससे दृष्टि की समस्या या अंधापन हो सकता है।
 
गांठें और सूजन: प्रभावित क्षेत्रों में सूजन और गांठें उत्पन्न हो सकती हैं।
 

3. कुष्ठ रोग के प्रकार

 
कुष्ठ रोग मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं:
 
1. पॉलीनेयूरल लेप्रोसी (Pauci-bacillary Leprosy):
 
   * इसमें केवल कुछ ही क्षेत्रों में लक्षण दिखाई देते हैं।
   * रोग बहुत हल्का होता है और इसका उपचार आसान होता है।
 

2. मुल्टिबैकिलरी लेप्रोसी (Multi-bacillary Leprosy):

 
- इसमें शरीर के कई हिस्से प्रभावित होते हैं, जैसे कि त्वचा, नर्वस सिस्टम, और अंगों की विकृति।
- यह रूप अधिक गंभीर होता है और इसका इलाज लंबा समय लेता है।

 

3. ट्रांसमिशनल लेप्रोसी:

 
- यह एक दुर्लभ प्रकार है, जिसमें रोग के बहुत सारे बैक्टीरिया होते हैं। इस प्रकार में संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
 

4. कुष्ठ रोग का फैलाव

 
कुष्ठ रोग आमतौर पर लंबे समय तक प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में रहने से फैलता है। यह हवा के जरिए या प्रभावित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क से फैल सकता है। हालांकि, यह किसी साधारण संपर्क, जैसे हाथ मिलाने या पास-पास बैठने से नहीं फैलता।

 

5. इलाज और रोकथाम

 
आजकल कुष्ठ रोग का इलाज पूरी तरह से संभव है और मल्टीड्रग थेरेपी (MDT) से यह पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। यह उपचार संयुक्त रूप से तीन दवाओं रिफाम्पिसिन, डैप्सोन, और क्लोफाजिमिन का उपयोग करता है।
 
मल्टीड्रग थेरेपी (MDT): विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस उपचार विधि को 1980 के दशक में अपनाया था और यह कुष्ठ रोग को पूरी तरह से ठीक करने में प्रभावी साबित हुआ है।
 
समय पर उपचार: कुष्ठ रोग का इलाज समय पर शुरू करना बहुत ज़रूरी है। यदि उपचार जल्दी शुरू किया जाए तो यह अंगों और त्वचा में स्थायी क्षति से बच सकता है।
 

कुष्ठ रोग-FAQs

 
1. कुष्ठ रोग क्या है?
उत्तर: कुष्ठ रोग (Leprosy / Hansens Disease) एक संक्रामक बीमारी है, जो 'Mycobacterium leprae' नामक बैक्टीरिया से होती है। यह मुख्य रूप से त्वचा, नसों और आंखों को प्रभावित करती है।
 
2. कुष्ठ रोग के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
उत्तर:
* त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे
* धब्बों पर दर्द या छूने का एहसास न होना
* हाथ-पैरों में सुन्नता
* मांसपेशियों की कमजोरी
 
3. क्या कुष्ठ रोग छूने से फैलता है?
उत्तर: नहीं। हाथ मिलाने, साथ बैठने, भोजन करने या सामान्य संपर्क से कुष्ठ रोग नहीं फैलता। यह रोग केवल लंबे समय तक नज़दीकी संपर्क से फैल सकता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Hansens Disease: हैनसेन (कुष्ठ) रोग निवारण में क्या है आधुनिक दृष्टिकोण
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