Corona महामारी के खिलाफ जंग में भारत को अमेरिका का साथ, टीकाकरण के लिए 2.5 करोड़ डॉलर की मदद

Last Updated: बुधवार, 28 जुलाई 2021 (23:56 IST)
नई दिल्ली। (Coronavirus) कोविड-19 महामारी और उसके प्रभावों से निपटने के लिए सहयोग और बढ़ाने पर दोनों पक्षों के बीच व्यापक चर्चा के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को घोषणा की कि अमेरिका भारत के कार्यक्रम में सहयोग के वास्ते 2.5 करोड़ डॉलर देगा।
ब्लिंकन के साथ वार्ता के बाद विदेश मंत्री ने महामारी की दूसरी लहर के दौरान भारत को ‘वाकई असाधारण’ सहयोग देने तथा भारत में टीका उत्पादन के वास्ते कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला को खुला रखने के लिए अमेरिका को धन्यवाद दिया। जयशंकर ने यह भी कहा कि कोरोनावायरस से उत्पन्न यात्रा चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।

अलग से अमेरिकी दूतावास में एक कार्यक्रम में ब्लिंकन ने कहा कि अगस्त के आखिर तक इस मिशन की 68000 विद्यार्थी वीजा साक्षात्कार करने की योजना है, जो कई सालों में ‘सर्वाधिक’ होगा। ब्लिंकन ने कहा कि कुछ ही ऐसे संबंध हैं, जो अमेरिका भारत के बीच के रिश्ते से अधिक अहम हैं और उनका देश महामारी के शुरुआती चरण में भारत द्वारा उसे प्रदान की गई सहायता को नहीं भूलेगा।

उन्होंने ट्वीट किया, आज मुझे भारत के कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम को सहयोग पहुंचाने के लिए यूएसएड के माध्यम से अमेरिकी सरकार की तरफ से अतिरिक्त 2.5 करोड़ डॉलर की घोषणा करने की खुशी है। अमेरिका के सहयोग से भारत में टीका आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करके जिंदगियां बचाने में मदद मिलेगी।
पीएम मोदी से की मुलाकात : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की और भारत-अमेरिका सामरिक साझेदारी को मजबूत करने की राष्ट्रपति जो बाइडन की प्रतिबद्धता का स्वागत किया। मोदी ने ट्वीट कर कहा कि आज अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मिलकर बहुत खुशी हुई।
भारत-अमेरिकी सामरिक साझेदारी को लेकर राष्ट्रपति बाइडन की मजबूत प्रतिबद्धता का मैं स्वागत करता हूं। यह साझेदारी हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को आकार देता है और वैश्विक भलाई के लिए एक ताकत भी है। ब्लिंकन मंगलवार शाम भारत पहुंचे हैं। उनका अन्य नेताओं से भी मुलाकात का कार्यक्रम है।

प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले ब्लिंकन ने एक कार्यक्रम में कहा कि भारतीय और अमेरिकी मानवीय गरिमा, अवसरों में समानता, विधि के शासन, धार्मिक स्वतंत्रता समेत मौलिक स्वतंत्रताओं में यकीन रखते हैं। (एजेंसियां)



और भी पढ़ें :