जम्मू कश्मीर में तेजी से बढ़ रहे Corona के मामले, लॉकडाउन पर विचार कर रहा प्रशासन

सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित गुरुवार, 15 अप्रैल 2021 (20:56 IST)
जम्मू। क्या में भी लगेगा? यह सवाल इसलिए सामने आने लगा है, क्‍योंकि बढ़ते कोरोनावायरस (Coronavirus) मामलों के बाद प्रशासन ने ऐसे संकेत देने आरंभ किए हैं। यह सच है कि कोरोना महामारी की ताजा लहर काफी तेजी से फैल रही है और जम्मू जिले में ही अप्रैल के महीने में के केस कई गुणा बढ़ गए हैं।
हालत यह है कि प्रदेश में रोजाना करीब 1000 से 1200 नए मामले आ रहे हैं जो यह बताते है कि पिछले साल अप्रैल की तुलना में इस बार कोरोना महामारी तेजी से बढ़ रही है। बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल जम्मू समेत 8 जिलों में रात्रि कर्फ्यू भी लगा दिया है और कई स्थानों को माइक्रो कंटेनमेंट जोन भी घोषित किया। इसके बाद भी अगर लोग सचेत नहीं हुए तो हालात फिर से बेकाबू हो सकते हैं।

यही नहीं कोरोना ने राजनीतिक दलों पर भी अपना गहरा प्रभाव छोड़ना शुरू किया है। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की मां गुलशन नजीर आज प्रवर्तन निदेशालय ईडी के श्रीनगर स्थित कार्यालय में नहीं पहुंची थीं, क्योंकि उनकी नातीन इल्तिजा मुफ्ती को कोरोना हुआ है। वह भी उनके संपर्क में थीं। लिहाजा उन्होंने अपने आप को होम क्वारंटाइन किया हुआ है।

प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ईडी अधिकारियों ने महबूबा मुफ्ती की मां को पूछताछ के लिए सुबह 11 बजे अपने कार्यालय में बुलाया था, परंतु वह समय पर नहीं पहुंचीं। ईडी या फिर महबूबा मुफ्ती की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक वक्तव्य जारी नहीं किया गया है।

इसी तरह से जम्मू कश्मीर में कोरोना के मामलों में तेजी के चलते प्रदेश भाजपा ने नेताओं, कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालयों में कार्यक्रमों से परहेज करने की हिदायत दी है। मौजूदा हालात में पार्टी कश्मीर में प्रमुख सम्मेलनों को भी कुछ समय के लिए टाल सकती है।
ALSO READ:
COVID-19 : CM केजरीवाल ने कहा- प्राथमिकता से हो पत्रकारों का वैक्सीनेशन, सरकार को लिखा पत्र...
जमीनी सतह पर आधार मजबूत करने के लिए प्रदेश भाजपा ने जम्मू संभाग के बाद बीस अप्रैल के बाद से कश्मीर में जमीनी सतह पर मजबूत होने के लिए कार्यक्रम करने की तैयारी की थी। मौजूदा हालात में पार्टी के वरिष्ठ नेता इस कार्यक्रम को टालने पर विचार कर रहे हैं।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण से उपजे हालात में संक्रमित हुए सबसे अधिक नेता व कार्यकर्ता भाजपा से थे। प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना, सांसद जुगलकिशोर शर्मा, संगठन महामंत्री अशोक कौल समेत प्रदेश भाजपा के खासे नेता, कार्यकर्ता कोरोना से संक्रमित हो गए थे। अब कोरोना की दूसरी लहर का सामना करने की तैयारियों के बीच भाजपा ने अपनी गतिविधियों में कमी लाने की तैयारी की है।

फिलहाल पार्टी कार्यालयों में सिर्फ जरूरी कार्यक्रम ही होंगे। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश भाजपा रवींद्र रैना ने कार्यकर्ताओं को हिदायत दी है कि इस समय सतर्कता बरतते हुए किसी भी प्रकार का कोई जोखिम न उठाएं। ऐसे हालात में रवींद्र रैना जल्द ही वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय कर सकते हैं।



और भी पढ़ें :