How to prepare for Christmas: ईसाई धर्म के कैलेंडर में दो तारीखें सबसे अहम हैं- एक 'गुड फ्राइडे', जब ईसा मसीह ने मानवता के लिए बलिदान दिया, और दूसरा 'क्रिसमस', जब प्रभु यीशु के रूप में धरती पर प्रेम और शांति का जन्म हुआ। 25 दिसंबर का यह दिन केवल एक पर्व नहीं, बल्कि एक अहसास है, जिसकी तैयारी का शोर नवंबर की गुलाबी ठंड के साथ ही सुनाई देने लगता है। आइए जानते हैं कि इस बार क्रिसमस को यादगार बनाने के लिए आप अपने सेलिब्रेशन को कैसे प्लान कर सकते हैं।
1. घर की सजावट और उत्साह:
क्रिसमस की तैयारी का मतलब है घर को नई ऊर्जा से भर देना। दीवारों पर ताजा रंग-रोगन, कोनों की सफाई और खिड़कियों पर जगमगाते सितारे (Stars) व रंग-बिरंगी लाइट्स एक जादुई माहौल बना देती हैं। बच्चे जहाँ सांता क्लॉज के आने की उम्मीद में मोजे टांगते हैं, वहीं किशोर उम्र के युवा क्रिसमस ट्री को सजाने के लिए बाजार से बेहतरीन सामान जुटाने में लग जाते हैं।
2. रंगों का गहरा संदेश
इस त्योहार में लाल और हरे रंग का बोलबाला रहता है। लाल रंग जहाँ ईसा मसीह के बलिदान और उनके असीम प्रेम का प्रतीक है, वहीं हरा रंग प्रकृति की 'सदाबहार' परंपरा और जीवन की निरंतरता को दर्शाता है। इस दिन नए कपड़ों के चयन में भी इन रंगों को प्राथमिकता दी जाती है।
3. क्रिसमस सेलिब्रेशन की 6 खास परंपराएं
1. ईसा मसीह की जीवंत झांकी: क्रिसमस के दिन कई घरों और चर्चों में प्रभु यीशु के जन्म के दृश्य को दर्शाया जाता है। एक छोटे से अस्तबल का मॉडल बनाकर उसमें बालक ईसा, माता मरियम और चरवाहों की मूर्तियां रखी जाती हैं, जो हमें उस महान रात की याद दिलाती हैं।
2. स्वर्ग का वृक्ष: क्रिसमस ट्री: चाहे असली फर का पौधा हो या आर्टिफिशियल ट्री, इसे स्वर्ग के वृक्ष का प्रतीक माना जाता है। बिजली की लड़ियों, सुनहरी घंटियों, रिबन और खिलौनों से सजा यह पेड़ घर के मुख्य आकर्षण का केंद्र होता है।
3. सांता क्लॉज और उपहारों की मिठास: पुरानी परंपराओं के अनुसार सांता क्लॉज बच्चों के लिए खुशियां लाते हैं, लेकिन आज यह त्योहार अपनों को 'सरप्राइज गिफ्ट' देने का जरिया बन गया है। सांता की ड्रेस पहनना और गुप्त रूप से एक-दूसरे को उपहार देना इस दिन को और भी रोमांचक बना देता है।
4. शुभकामनाओं का आदान-प्रदान: डिजिटल दौर में भी हाथों से बने 'क्रिसमस कार्ड्स' की अहमियत कम नहीं हुई है। कार्ड्स पर लिखे प्रेम भरे संदेश रिश्तों में मिठास घोलते हैं। अब लोग ई-कार्ड्स और सोशल मीडिया के जरिए भी पूरी दुनिया में शांति का संदेश भेजते हैं।
5. रसोई से आती पकवानों की खुशबू: क्रिसमस का असली स्वाद रसोई में बनने वाले पकवानों में छिपा है। रम केक, जिंजर वाइन, डोनट्स और सलोनी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ पश्चिमी देशों की तर्ज पर स्मोक्ड टर्की और जेली पुडिंग भी काफी पसंद की जाती है। कुछ परिवारों में सांता के लिए दूध और कुकीज रखने की प्यारी रस्म भी निभाई जाती है।
6. अपनों के साथ पिकनिक और छुट्टियां: क्रिसमस का समय मेल-मिलाप का होता है। 10 दिनों की छुट्टियों के दौरान लोग अपने दादा-दादी या नाना-नानी के घर जाते हैं। कई लोग इस समय का आनंद लेने के लिए समुद्र के किनारों या हिल स्टेशन्स पर पिकनिक की प्लानिंग पहले से ही कर लेते हैं।