0

ईसा मसीह के जन्म से सूली तक की कहानी

गुरुवार,दिसंबर 24, 2020
0
1
प्रभु ईसा मसीह का जन्म, जीवन और मृत्यु सभी कुछ रहस्यमयी है। उनके जीवन पर कई किताबें लिखी गई और कई लोगों ने बहुत कुछ कहा। उपरोक्त पूछा गया सवाल किसी का निजी नहीं है बल्कि यह सवाल दशकों से पूछा जाता रहा है। बहुत से लोग इसे सच मानते हैं कि वह ...
1
2
ईसाई धर्म (मसीही या क्रिश्चियन) समाज में होली (शूलपर्णी), मिसलटो (वांदा), लबलब (आइव) यह कुछ सदाबहार चीजें हैं, जिन्हें पवित्र माना जाता है। इन सभी का अपना एक अलग अर्थ है।
2
3
आखिर परमेश्वर के पुत्र को मनुष्य रूप में इस धरती पर आने की क्या आवश्यकता थी। परमेश्वर चाहते तो इतने वर्षों से जैसा चला आ रहा था वैसा ही रहने देते। लेकिन उन्होंने अपने इकलौते पुत्र को धरती पर भेजा।
3
4
जीवन में पूर्ण आस्था। जब तक स्वयं में और प्रकृति में विश्वास नहीं बनता है तब तक अस्तित्व को संकट से बाहर नहीं माना जाता है।
4
4
5
प्रभु यीशु मसीह के जन्मदिन के रूप में मनाया जाने वाला सबसे खास त्योहार है 'क्रिसमस'। क्रिसमस की परंपराएं बहुत ही रोचक है, जानिए
5
6
ईसाई धर्म के संस्थापक ईसा मसीह को माना जाता है। दुनियाभर में ईसाई धर्म को मानने वालों की संख्या ज्यादा है। आओ जानते हैं ईसा मसीह के बार में 25 खास और दिल‍चस्प बातें।
6
7
ईसाई धर्म का धर्मग्रंथ बाइबिल है जिसे 'बाइबल' भी कहा जाता है। बाइबल को कब लिखा गया इस संबंध में मतभेद हैं। फिर भी ईसाई धर्म को स्थापित करने में सेंट पॉल का नाम सबसे पहले लिया जाता है। यह भी कहा जाता है कि क्रिश्चियन कल्ट ज्यूस डायसपोरा में प्रारंभ ...
7
8
ईसाई धर्म को क्रिश्‍चियन धर्म भी कहते हैं। इस धर्म के संस्थापक प्रभु ईसा मसीह को माना जाता है। ईसा मसीह को पहले से चले आ रहे प्रॉफेट की परंपरा का एक प्रॉफेट माना जाता हैं। इब्रानी में उन्हें येशु, यीशु या येशुआ कहते थे परंतु अंग्रेजी उच्चारण में यह ...
8
8
9
पाम संडे को ईसा मसीह का नगर प्रवेश हुआ था। गुड फ्राइडे को उन्हें सूली पर लटका दिया गया था और ईस्टर को वे पुन: जीवित हो गए थे। कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि भारत के कश्मीर में जिस बौद्ध मठ में उन्होंने 13 से 29 वर्ष की उम्र में शिक्षा ग्रहण की थी उसी ...
9
10
दुनियाभर में ईसाई समुदाय के लोग प्रभु यीशु के जी उठने की याद में ईस्टर संडे (Easter Sunday) मनाते हैं। यह दिन भाईचारा, स्नेह, क्षमा और प्यार का प्रतीक माना जाता है।
10
11
12 अप्रैल 2020, रविवार को ईस्टर डे मनाया जाएगा। दुनियाभर में ईसाई समुदाय के लोग प्रभु यीशु के जी उठने की याद में 'ईस्टर संडे' मनाते हैं।
11
12
ईस्टर ईसाई धर्म का खास पर्व है। वर्ष 2020 में यह 12 अप्रैल को मनाया जाएगा। ईस्टर फेस्टिवल वसंत ऋतु में पड़ता है। ईस्टर ईसाइयों का सबसे बड़ा पर्व है।
12
13
इस बार 5 अप्रैल को पाम संडे था, 10 अप्रैल को गुड फ्राइडे था और 12 अप्रैल 2020 को ईस्टर है। पाम संडे को ईसा मसीह का नगर प्रवेश हुआ था। गुड फ्राइडे को उन्हें सूली पर लटका दिया गया था और ईस्टर को वे पुन: जीवित हो गए थे। आओ जानते हैं ईस्टर की तीन खास ...
13
14
पणजी। कोरोना वायरस (Corona virus) के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पहली बार गोवा में गुड फ्राइडे और ईस्टर पर गिरजाघरों पर प्रार्थना सभा लोगों की अनुपस्थिति में की जाएगी।
14
15
खजूर रविवार के बाद आने वाला गुरुवार 'पवित्र गुरुवार' कहलाता है। इस दिन प्रभु ईसा ने अंतिम भोजन के समय अपने शिष्यों को यह आज्ञा दी थी, 'तुम एक-दूसरे को प्रेम करो, जैसे मैंने तुमसे प्रेम किया है।
15
16
प्रभु ईसा मसीह ने हमें दूसरों को क्षमा करने का संदेश दिया। गुड फ्रायडे के दिन प्रभु ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। सूली पर चढ़ते वक्त प्रभु ने सात वाणियां कहीं थीं जो अमर हो गईं।
16
17
येरुशलम के चर्च में एक संदूकची रखी हुई थी, जिसमें लोग अपनी श्रद्धानुसार सोना, चांदी, सिक्के इत्यादि डाला करते थे। इस धन को गरीबों के सहायतार्थ खर्च किया जाता था।
17
18
ईसाई चर्च के प्रारंभिक दिनों में ईसाई यीशु की मृत्यु और जीवित हो जाने की घटना को एक ही घटना मानता था अतः पहले गुड फ्रायडे और ईस्टर दो अलग-अलग दिन नहीं थे।
18
19
इस वर्ष शुक्रवार, 10 अप्रैल 2020 को गुड फ्राइडे मनाया जा रहा है। गुड फ्राइडे एकमात्र ऐसा दिन है जिसका निर्धारण यहूदी करते हैं। यहूदी फरवरी माह में चांद देखकर इस दिन का निर्धारण करते हैं
19