- खबर-संसार
» - करियर
» - गुरु-मंत्र
अपने जॉब से करें प्यार
करियर की डगर काफी मुश्किलों से भरी होती है। इसमें कई उतार-चढ़ाव आते रहते हैं और इन्हें पार करने के बाद ही अच्छा जॉब मिल पाता है। कई बार यह देखने में आता है कि युवा साथी अपने जॉब से काफी जल्द बोर होने लगते हैं और कंपनी बदलने के बारे में सोचने लगते हैं। इस सोच के पीछे उनका एक ही उद्देश्य रहता है कि अब बोरिंग लग रहा है इस कारण जॉब चेंज करना है। इसके अलावा अन्य भी कारण हो सकते हैं पर अगर आप बिना किसी उचित कारण के जॉब चेंज कर रहे हैं तब उसके पहले एक बार विचार जरूर करें। माहौल बदलने से सब कुछ बदलने की ग्यारंटी नहीं कई बार जॉब चेंज करने के लिए कंपनी का माहौल भी जिम्मेदार होता है। व्यक्ति को ऐसा लगता है कि उसके कार्य को लेकर कंपनी गंभीर नहीं है और उसे कोई अच्छा या बुरा काम कर रहा है ऐसा भी नहीं कहता। ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति को मन में यह ठान लेना चाहिए कि वह जो भी कर रहा है अपना बेहतरीन कर रहा है और वह पूरे कमिटमेंट के साथ नौकरी करता रहेगा। अगर जॉब चेंज भी करते हैं तब इस बात की कोई ग्यारंटी नहीं है कि माहौल में बदलाव आएगा।पैसा ही सबकुछ नहींकई युवा साथी केवल पैसे को ही महत्व देते हैं और ब्रांड, कंपनी के माहौल व नया सीखने का मौका आदि बातों को गौण समझते हैं। इससे होता यह है कि युवा साथी अपने अन्य साथियों के मुकाबले पैसे के मामले में काफी आगे निकल जाता है पर जब बात माहौल की व नया सीखने के मौके की आती है तब उसकी कंपनी में ऐसा नहीं होता है। कुछ समय तक बढ़ा हुआ पैकेज अच्छा लगता है, पर एक समय आता है जब व्यक्ति अपने क्षेत्र में और अधिक महारत हासिल करने के लिए तरसता है। ऐसे में स्लो स्टाटर्स भले ही थोड़े समय के लिए कम पैसा कमाते हैं पर बाद में वे काफी तेजी से आगे बढ़ते हैं पैसे और पद के मामलों में।आत्ममंथन जरूर करेंजब भी आपके मन में जॉब चेंज करने की बात आए या फिर ऑफर आए तब आत्ममंथन जरूर करें। आप अपने स्वभाव, कंपनी का आपके प्रति बर्ताव, पैसा इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए और कंपनी में अपनी सीनियरिटी आदि को ध्यान में रखते हुए बदलाव के बारे में सोचें। आत्ममंथन करने के बाद अपने क्षेत्र के वरिष्ठ लोगों की राय भी लेना न भूलें, क्योंकि केवल बदलाव करने के लिए बदलाव करना सही निर्णय नहीं हो सकता।