‘पार्टनर’ की तलाश
निर्माता : सोहेल खान
निर्देशक : डेविड धवन
संगीतकार : साजिद-वाजिद
कलाकार : सलमान खान, गोविन्दा, लारा दत्ता, कैटरीना कैफ
धड़ाधड़ हिट फिल्म बनाने वाले निर्देशक डेविड धवन का सिनेमा मल्टीप्लेक्स कल्चर आने के बाद थम सा गया। डेविड का हमेशा यह उद्देश्य रहा है कि दर्शक फिल्म देखने के बाद हँसते-हँसते घर जाएँ।
सलमान और गोविन्दा के साथ डेविड ने कई हिट फिल्में बनाई हैं। गोविन्दा की इस समय बॉक्स ऑफिस पर कोई वैल्यू नहीं है। इसलिए ‘पार्टनर’ में सलमान जैसे मूल्य वाले सितारें के साथ गोविन्दा को प्रस्तुत किया जा रहा है।
प्रेम (सलमान खान) को ‘डेट डॉक्टर’ कहा जाता है। उसने कई ऐसे आशिकों का इलाज किया है जो अपनी पसंद की लड़कियों पर मरते हैं, लेकिन लड़कियाँ उन्हें घास भी नहीं डालतीं। प्रेम उन प्यार में असफल प्रेमियों को वे सारे गुर सीखाता हैं जिससे वे लड़कियों को प्रभावित कर लेते हैं और वे लड़कियाँ उन पर मरने लगती हैं।
असल में प्रेम को बचपन से ही महिलाओं में रूचि रही है। वह हर किस्म की लड़कियों की पसंद, नापसंद के बारे में बखूबी जानता है। वह केवल उन लोगों की ही सहायता करता है जो सच्चा प्यार करते है। किसी दूसरे मकसद से लड़कियाँ पटाने वालों को वो बिलकुल भी पसंद नहीं करता है।
प्रेम का दिल एक दिन नैना (लारा दत्ता) पर आ जाता है। नैना एक समाचार-पत्र में पत्रकार है। लोगों को लड़कियाँ पटाने के फार्मूले बताने वाले प्रेम के सारे गणित नैना के सामने फेल हो जाते हैं।
गोविन्दा को कैटरीना से प्यार है। वह प्रेम के पास मदद माँगने आता है। प्रेम और गोविन्दा मिलकर अपनी-अपनी प्रेमिकाओं का दिल जीतने की कोशिश करते हैं। इस मार्ग में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन बाधाओं को पार करने के बाद दोनों के सच्चे प्यार की जीत होती है।
निर्देशक : डेविड धवन
संगीतकार : साजिद-वाजिद
कलाकार : सलमान खान, गोविन्दा, लारा दत्ता, कैटरीना कैफ
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सलमान और गोविन्दा के साथ डेविड ने कई हिट फिल्में बनाई हैं। गोविन्दा की इस समय बॉक्स ऑफिस पर कोई वैल्यू नहीं है। इसलिए ‘पार्टनर’ में सलमान जैसे मूल्य वाले सितारें के साथ गोविन्दा को प्रस्तुत किया जा रहा है।
प्रेम (सलमान खान) को ‘डेट डॉक्टर’ कहा जाता है। उसने कई ऐसे आशिकों का इलाज किया है जो अपनी पसंद की लड़कियों पर मरते हैं, लेकिन लड़कियाँ उन्हें घास भी नहीं डालतीं। प्रेम उन प्यार में असफल प्रेमियों को वे सारे गुर सीखाता हैं जिससे वे लड़कियों को प्रभावित कर लेते हैं और वे लड़कियाँ उन पर मरने लगती हैं।
असल में प्रेम को बचपन से ही महिलाओं में रूचि रही है। वह हर किस्म की लड़कियों की पसंद, नापसंद के बारे में बखूबी जानता है। वह केवल उन लोगों की ही सहायता करता है जो सच्चा प्यार करते है। किसी दूसरे मकसद से लड़कियाँ पटाने वालों को वो बिलकुल भी पसंद नहीं करता है।
प्रेम का दिल एक दिन नैना (लारा दत्ता) पर आ जाता है। नैना एक समाचार-पत्र में पत्रकार है। लोगों को लड़कियाँ पटाने के फार्मूले बताने वाले प्रेम के सारे गणित नैना के सामने फेल हो जाते हैं।
गोविन्दा को कैटरीना से प्यार है। वह प्रेम के पास मदद माँगने आता है। प्रेम और गोविन्दा मिलकर अपनी-अपनी प्रेमिकाओं का दिल जीतने की कोशिश करते हैं। इस मार्ग में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन बाधाओं को पार करने के बाद दोनों के सच्चे प्यार की जीत होती है।

