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लागा चुनरी में दाग

लागा चुनरी में दाग
निर्माता : आदित्य चोपड़ा
निर्देशक : प्रदीप सरकार
संगीत : शांतनु मोइत्रा
कलाकार : रानी मुखर्जी, कोंकणा सेन शर्मा, अभिषेक बच्चन, कुणाल कपूर, जया बच्चन, अनुपम खेर

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इन दिनों भावना प्रधान फिल्में बनना लगभग बंद हो गई हैं। निर्माता-निर्देशकों ने यह मान लिया कि अब इस तरह की फिल्में देखना दर्शकों को पसंद नहीं है। ऐसे समय निर्देशक प्रदीप सरकार भावना और नारीप्रधान फिल्म ‘लागा चुनरी में दाग’ लेकर आ रहे हैं। सरकार की पिछली फिल्म ‘परिणीता’ को सराहना और बॉक्स ऑफिस पर सफलता दोनों साथ मिली थी।

बनारस में रहने वाले शिवशंकर सहाय (अनुपम खेर) कॉलेज में प्रोफेसर थे और अब सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके परिवार में पत्नी सावित्री (जया बच्चन) के अलावा दो लड़कियाँ बड़की (रानी मुखर्जी) और छुटकी (कोंकणा सेन शर्मा) हैं। प्रोफेसर साहब तब आर्थिक संकटों में घिर जाते हैं जब उनकी पेंशन कुछ कारणों से बंद हो जाती है।

इसका सीधा असर उनके परिवार पर होता है। शिवशंकर को लगता है कि अगर उनकी लड़की की जगह लड़का होता तो उन्हें इस तरह के आर्थिक संकट से नहीं गुजरना पड़ता। इस संकट से सावि‍त्री और बड़की अच्छी तरह परिचित हैं। वे इसकी आँच छुटकी पर नहीं आने देती हैं।

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इस मुसीबत से निपटने के लिए बड़की मुंबई जाने का फैसला करती है, ताकि छुटकी पढ़ाई जारी रख सके। शिवशंकर इस फैसले के खिलाफ हैं। उनका मानना है कि बड़की वहाँ जाकर भी कुछ नहीं कर पाएगी।

पिता के विरोध के बावजूद बड़की मुंबई कुछ सपने लेकर जाती है। मुंबई जाकर उसे कड़वी हकीकतों का सामना करना पड़ता है। वह एक रहस्यपूर्ण जिंदगी जीने लगती है। उसे कई त्याग करना पड़ते हैं। अपने परिवार की हर जरूरत को वह पूरा करती है।

छुटकी पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई आ जाती है। उसे एक विज्ञापन एजेंसी में काम मिल जाता है और वह विवान (कुणाल कपूर) से प्यार करने लगती है। छुटकी के आने के बाद बड़की की मुसीबत और बढ़ जाती है। उसे अपना वह पक्ष छिपाने में परेशानी होती हैं जो वह छुटकी को नहीं बताना चाहती है।

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बड़की को रोहन (अभिषेक बच्चन) से प्यार हो जाता है। यह प्यार ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रहता, क्योंकि रोहन बड़की की हकीकत से वाकिफ हो जाता है। फिल्म में दिलचस्प मोड़ तब आता है जब छुटकी को बड़की का राज पता चलता है।

क्या है बड़की का राज?
क्या रोहन बड़की को अपनाएगा?
क्या छुटकी अपने माता-पिता को सब बता देगी?
इसके जवाब मिलेंगे ‘लागा चुनरी में दाग’ देखने के बाद।
लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें