झूम बराबर झूम
निर्माता : आदित्य चोपड़ा
निर्देशक : शाद अली
संगीत : शंकर-अहसान-लॉय
गीतकार : गुलजार
कलाकार : अभिषेक बच्चन, प्रिती जिंटा, बॉबी देओल, लारा दत्ता
‘बंटी और बबली’ जैसी हिट फिल्म का निर्देशन करने के बाद शाद अली ‘झूम बराबर झूम’ लेकर आ रहे हैं। ‘बंटी और बबली’ के बाद दर्शकों की अपेक्षाएँ स्वाभाविक रूप से इस फिल्म से बहुत ज्यादा है।
रिक्की ठुकराल (अभिषेक बच्चन) और अलवीरा खान (प्रिती जिंटा) लंदन स्टेशन पर अपने-अपने मंगेतर का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें पता चलता है कि बर्मिंघम से आनी वाली ट्रेन लेट है। दोनों के मंगेतर उसी ट्रेन से आ रहे हैं। समय व्यतीत करने के लिए वे एक कैफे में जाते हैं और एक ही टेबल पर आमने-सामने बैठते हैं। दोनों अजनबी हैं लेकिन समय काटने के लिए बातचीत शुरू करते हैं। दोनों अपनी-अपनी प्रेम कहानी सुनाते हैं।
रिक्की बताता है कि वह अपनी प्रेमिका अनाइडा (लारा दत्ता) से पेरिस में मिला था। दोनों की मुलाकात उसी रात हुई थी जब प्रिंसेस डायना की कार दुर्घटना में मृत्यु हुई थी। रिक्की बड़े गर्व से बताता है- ‘जब दो प्रेमी मरे थे तब हम दोनों प्रेमियों का जन्म हुआ था।‘
अब अलवीरा की बारी थी। उसे अपना राजकुमार मैडम तुसाद के संग्रहालय में मिला था। जब वह संग्रहालय में थी तब सुपरमैन का मोम का पुतला उस पर गिर रहा था। वहाँ पर मौजूद स्टीव (बॉबी देओल) ने यह देखा तो पलक झपकते ही अलवीरा को बचा लिया। अलवीरा की जान तो बच गई पर दिल स्टीव ने चुरा लिया। बस फिर क्या था, दोनों की लव स्टोरी शुरू हो गई।
दोनों अजनबी अब अच्छे-खासे घुलमिल गए हैं। दोनों को एक दूसरे की कंपनी में मजा आने लगा हैं। लेकिन दोनों के स्वभाव और सोच में जमीन-आसमान का अंतर है। रिक्की भारतीय है, अल्वीरा पाकिस्तानी। रिक्की धूर्त, लम्पट और चालाक किस्म का लड़का है, तो अलवीरा शांत और धैर्यवान। पर पता नहीं इतनी असमानताएँ होने के बावजूद वे दोनों एक-दूसरे के प्रति क्यों आकर्षित हो रहे थे।
सारा मामला गड़बड़ होता दिखाई दे रहा था। रिक्की और अलवीरा एक-दूसरे को चाहने लगे तो अनाइडा और स्टीव का क्या होगा? आगे की कहानी जानने के लिए ‘झूम बराबर झूम’ देखना होगी।
निर्देशक : शाद अली
संगीत : शंकर-अहसान-लॉय
गीतकार : गुलजार
कलाकार : अभिषेक बच्चन, प्रिती जिंटा, बॉबी देओल, लारा दत्ता
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रिक्की ठुकराल (अभिषेक बच्चन) और अलवीरा खान (प्रिती जिंटा) लंदन स्टेशन पर अपने-अपने मंगेतर का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें पता चलता है कि बर्मिंघम से आनी वाली ट्रेन लेट है। दोनों के मंगेतर उसी ट्रेन से आ रहे हैं। समय व्यतीत करने के लिए वे एक कैफे में जाते हैं और एक ही टेबल पर आमने-सामने बैठते हैं। दोनों अजनबी हैं लेकिन समय काटने के लिए बातचीत शुरू करते हैं। दोनों अपनी-अपनी प्रेम कहानी सुनाते हैं।
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अब अलवीरा की बारी थी। उसे अपना राजकुमार मैडम तुसाद के संग्रहालय में मिला था। जब वह संग्रहालय में थी तब सुपरमैन का मोम का पुतला उस पर गिर रहा था। वहाँ पर मौजूद स्टीव (बॉबी देओल) ने यह देखा तो पलक झपकते ही अलवीरा को बचा लिया। अलवीरा की जान तो बच गई पर दिल स्टीव ने चुरा लिया। बस फिर क्या था, दोनों की लव स्टोरी शुरू हो गई।
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