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Kucch Luv Jaisaa Movie Preview | कुछ लव जैसा

कुछ लव जैसा
निर्माता : सनशाइन पिक्चर्स प्रा.लि.
निर्देशक : बर्नाली रे शुक्ला
संगीत : प्रीतम
कलाकार : राहुल बोस, शैफाली शाह, सुमीत राघवन, विशेष भूमिका में - नीतू चन्द्रा, ओम पुरी

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आज 29 फरवरी है। श्रीमती मधु सक्सेना के लिए खास दिन क्योंकि आज उनका जन्मदिन है। चार वर्ष में एक बार यह तारीख आती है, लेकिन उनके पति यह बात भूल गए हैं। इस बात ने मधु के दिल को ठेस पहुँचाई और उसे महसूस होने लगता है कि घर में उसकी कोई खास अहमियत नहीं है। वह गृहिणी, दो बच्चों की माँ, पत्नी, गणित/हिंदी/अँग्रेजी की टीचर, बहू, बेटी, भाभी, बहन बनकर खो गई है। उसकी कोई पहचान नहीं है। ढेर सारे कामों के बीच अपने लिए उसके पास बिलकुल भी समय नहीं है। उसकी जिंदगी अपने पति और परिवार के इर्दगिर्द घूमती है, लेकिन उसे वो श्रेय नहीं मिलता जिसकी वह हकदार है। उसकी जिंदगी में से रोमांच गायब हो गया है।


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आज मधु के पास दो विकल्प हैं। या तो वह आँसू बहाए और इंतजार करे अगले जन्मदिन का जो चार वर्ष बाद है या फिर जिंदगी पर फिर अपनी पकड़ मजबूत करे। अपने आपको वक्त दे। अपना जन्मदिन खुद मनाएँ। वह बाद वाला विकल्प चुनती है और उस खास दिन का मजा लेने के लिए निकल पड़ती है।

राह में उसकी मुलाकात होती है राघव नामक शख्स से, जो अपराधी है। मुंबई पुलिस की ‘वांटेड लिस्ट’ में उसका भी नाम है। जाली पासपोर्ट के जरिये वह अपराधियों को देश से बाहर भेजने का काम करता है। राघव अब बदलाव चाहता है। पुलिस से भागकर वह थक चुका है। अपनी गर्लफ्रेंड रिया के साथ लाइफ में सैटल होना चाहता है, लेकिन गर्लफ्रेंड के कुछ और ही प्लान है। वह राघव को फँसाने की कोशिश में है।


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राघव और मधु की मुलाकात होती है और मजे की बात तो ये है कि आज राघव का भी बर्थडे है। उसने फैसला किया है कि आज के दिन वह बदल जाएगा। अपनी गर्लफ्रेंड रिया के साथ डेट पर जाएगा। लेकिन किस्मत ने कुछ और ही सोच रखा है और उसके पीछे पुलिस लगी हुई है। यह कहानी है उन दो लोगों कि जिसमें से एक पुलिस से भाग रहा है और दूसरा बोरियत से। एक जिंदगी में आए ठहराव से उब चुका है और दूसरे ठहराव चाहता है।

लेखक के बारे में
समय ताम्रकर
समय ताम्रकर फिल्म समीक्षक हैं, जो फिल्म, कलाकार, निर्देशक, बॉक्स ऑफिस और फिल्मों से जुड़े पहलुओं पर गहन विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं।.... और पढ़ें