''अपने''-सपनों की दौड़
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पूर्व में बॉक्सर रह चुके बलदेव चौधरी (धमेंद्र) के करियर में धब्बा लग जाता है और वह इस दाग को अपने बेटे अंगद (सनी देओल) की सफलता के माध्मय से मिटाना चाहते हैं। पर परिस्थितियाँ विपरीत हो जाती हैं और आर्थिक संकट उनके सपनों को पूरा करने की राह में बाधा बनता है। सनी उम्मीद खो चुका है पर बलदेव के मन में अभी भी आशा टिमटिमा रही है।
तभी मीडिया द्वारा जोर-शोर से प्रचारित टीवी शो के रूप में उनके सामने एक मौका आता है। वह एक लड़के को प्रशिक्षित करते हैं लेकिन ऐन मौके पर उनके साथ धोखा हो जाता है। बलदेव के छोटे बेटे करण (बॉबी देओल) ने अपना पहला संगीत एलबम जारी किया है। पिता को पीड़ा के दौर से गुजरता देखकर वह अपने संगीत करियर को छोड़कर बॉक्सिंग के खेल में उतर जाता है।
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बलदेव के मन में अब तक अपने दाग को मिटाने की तमन्ना थी पर अब वह अपने बेटे की सलामती के लिए दुआ माँगते हैं।
निराशाग्रस्त बलदेव अपना जीवन समाप्त करने के बारे में सोचने लगते हैं। अब अंगद मैदान में उतरता है और अपने पिता की खुशियाँ लौटाने का प्रण लेता है।
क्या अंगद अपने इस प्रण को पूरा कर पाएगा?
