'लम्बी जुदाई' फेम अभिनेत्री मधु मल्होत्रा का निधन, 72 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
दिग्गज अभिनेत्री मधु मल्होत्रा का निधन हो गया है। उन्होंने 72 साल की उम्र में मुंबई में अंतिम सांस ली। मधु मल्होत्रा को उनकी सहज अदाकारी और पेशेवर व्यवहार के लिए फिल्म जगत में बहुत सम्मान दिया जाता था। लंबे समय से वह फिल्मों की चमक-दमक से दूर थीं।
मधु मल्होत्रा का नाम लेते ही ज़हन में सुभाष घई की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'हीरो' (1983) का वह दृश्य उभर आता है, जब रेशमा की आवाज़ में 'लम्बी जुदाई' गाना पर्दे पर बजता है। इस भावुक और सदाबहार गीत में मधु मल्होत्रा की मौजूदगी ने दर्शकों के दिलों पर एक गहरी छाप छोड़ी थी।
सिर्फ 'हीरो' ही नहीं, मधु मल्होत्रा 1982 की कल्ट क्लासिक फिल्म 'सत्ते पे सत्ता' का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। इस मल्टी-स्टारर फिल्म में वह मशहूर कॉमेडियन पेंटल के अपोजिट नज़र आई थीं। फिल्म के गाने 'मौसम मस्ताना' में उनकी परफॉरमेंस को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। उनकी कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें सहायक भूमिकाओं में भी एक खास मुकाम दिलाया।
मधु मल्होत्रा ने अपने लंबे करियर में 100 से ज्यादा फिल्मों में अभिनय किया। वह शो-मैन सुभाष घई की पसंदीदा अभिनेत्रियों में से एक थीं। उन्होंने घई की कई फिल्मों जैसे 'विश्वनाथ' (1978), 'कर्ज' (1980) और 'विधाता' (1982) में महत्वपूर्ण और कैमियो भूमिकाएं निभाईं।
इसके अलावा, 80 के दशक के अंत और 90 के दशक की शुरुआत में उन्होंने हॉरर शैली की फिल्मों में भी हाथ आजमाया। 'खूनी मुर्दा' (1989) और 'रूहानी ताकत' (1991) जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाओं ने साबित किया कि वह हर तरह के जॉनर में खुद को ढाल सकती थीं।
मधु मल्होत्रा के निधन की खबर मिलते ही बॉलीवुड में शोक की लहर है। मशहूर निर्देशक अनिल शर्मा, जिन्होंने अपनी फिल्म 'श्रद्धांजलि' (1981) में मधु के साथ काम किया था, ने उन्हें याद करते हुए एक "बेहद पेशेवर और सुलझी हुई अभिनेत्री" बताया। मधु भले ही हमेशा मुख्य भूमिकाओं में नहीं रहीं, लेकिन उनके अभिनय ने हिंदी सिनेमा के 'सपोर्टिंग कास्ट कल्चर' को समृद्ध करने में बड़ा योगदान दिया।