पंचतत्व में विलीन हुईं आशा भोसले, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, सिंगर्स ने दी गाने गाकर विदाई
दिग्गज सिंगर आशा भोसले का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया है। आशा भोसले का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर हुआ। महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। उनके बेटे आनंद भोसले ने मुखाग्नि दी।
आशा भोसले का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित उनके निवास कासा ग्रांडे पर रखा गया था। जहां सैकड़ों की संख्या में फैंस और सेलेब्स अंतिम दर्शन करने पहुंचे। इससे पहले उन्हें तिरंगे में लपेटकर सलामी दी गई।
आशा भोसले की अंतिम यात्रा में फैंस की भारी भीड़ उमड़ी। फूलों से सजी गाड़ी में जब आशा भोसले का पार्थिव शरीर उनके घर से श्मशान घाट के लिए रवाना हुआ तो फैंस का हुजूम भी सड़कों पर उतर आया। आशा भोसले के अंतिम दर्शन के लिए आए प्रशंसकों की आंखें नम थी।
आशा भोसले के अंतिम संस्कार के दौरान सिंगर्स ने 'अभी ना जाओ छोड़कर' गाकर उन्हें भावुक विदाई दी। सुदेश भोसले ने आशा भोसले के लिए जिंदगी एक सफर है सुहाना गाना गाया। अनूप जलोटा ने भी भजन की कुछ लाइनें गाईं। शान ने भी गाकर आशा ताई को श्रद्धांजलि दी।
आशा भोसले ने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गाए थे। कैबरे हो, गजल हो या शास्त्रीय संगीत, उन्होंने हर विधा में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उन्हें पद्म विभूषण और दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उनका नाम दुनिया में सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली कलाकार के रूप में 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में भी दर्ज है।