इंटरनेट सिखाएगा गाना!
BBC
बीबीसी से खास बातचीत में शंकर महादेवन ने बताया, 'हमारी इस अकादमी में आप कर्नाटक शास्त्रीय संगीत, हिंदुस्तानी क्लासिकल संगीत और हॉबी म्युजिक भी सीख सकते हैं। हम इसमें आसान गानों और कठिन गानों का अलग मेन्यू बना रहे हैं। आप इसके जरिए अजी दास्ताँ है ये, रात कली एक ख्वाब में आई से लेकर कल हो ना हो जैसे गाने आसानी से सीख सकते हैं।'
शंकर ने बताया कि इस अकादमी में शिक्षक और छात्र वीडियो चैटिंग कर सकते हैं।
उनके मुताबिक इसमें बाकायदा छात्रों के लिए कोर्स डिजाइन किए गए हैं। कोर्स पूरा होने के बाद छात्र परीक्षा दे सकते हैं। इसके लिए वो अपनी आवाज में गाना रिकॉर्ड कर सकते हैं। हमारी अकादमी उन्हें इसका फीडबैक भी देगी।
हालाँकि शंकर महादेवन का ये संगीत स्कूल फिलहाल अमेरिका में ही खोला गया है। शंकर ने बताया कि भारत में अभी इसके लिए पर्याप्त तकनीकी सुविधा ना होने की वजह से ये भारत में नहीं शुरू हुआ, लेकिन जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।
इसका आइडिया शंकर को कैसे आया, ये पूछने पर उन्होंने बताया, 'मैं इंजीनियर भी हूँ और संगीत से भी जुड़ा हूँ। तो मैंने सोचा कि क्यों ना तकनीक के जरिए कला का प्रसार किया जाए।'
शंकर महादेवन ने हाल ही में आईपीएल की 'पुणे वॉरियर्स' टीम के लिए एक गाना भी तैयार किया है। इसके बारे में उन्होंने कहा, 'संगीत लोगों के दिलों में उमंगे भर देता है। हमारा ये गाना भी बेदह ऊर्जादायक है।'
शंकर ने अपने संगीतकार साथियों एहसान और लॉय के साथ मिलकर क्रिकेट विश्वकप का थीम सॉंग 'दे घुमा के' भी तैयार किया था।
क्या उनके इस गाने ने विश्व चैंपियन भारतीय टीम को बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी। इस पर शंकर ने कहा, 'बेहतरीन प्रदर्शन करके कप जीतने के लिए तो खिलाड़ियों को ही श्रेय दिया जाना चाहिए। लेकिन हाँ, शायद हमारे इस गाने ने खिलाड़ियों को भी थोड़ी बहुत प्रेरणा दी हो।'

