अनाथ भालू पर बहस
BBC
मेडो के नाम से मशहूर इस भालू को मीडिया ने तकदीर वाला करार दिया है। ये स्लोवेनिया के एक गांव के लोगर परिवार के घर करीब महीना भर पहुंचा था।
परिवार के सदस्य इस भालू से बहुत प्यार करते हैं और ये भालू परिवार के कुत्ते और घर पर रखे फर्निचर से खूब खेलता है।
लेकिन अधिकारियों का कहना है कि चार महीने का ये भालू बड़ा होने के बाद खतरनाक साबित हो सकता है। उधर परिवार ने भालू के एक बाड़े का निर्माण करने की इजाजत मांगी है।
स्लोवेनिया में इस भालू की कहानी मीडिया में खूब छाई हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि भालू को उसकी मां ने छोड़ दिया है।
इस भूरे रंग के भालू का वैज्ञानिक नाम उर्सस आर्कटॉस है और वयस्क होने पर इसका वजन साढ़े तीन सौ किलो तक पहुंच सकता है। ये दुनिया में सबसे बड़े मांसाहीर प्राणियों में से एक है।
शायद इसी वजह स्लोवेनिया का वन्यजीव विभाग चिंतित है।
