1. समाचार
  2. ऑटो मोबाइल
  3. समाचार
  4. Ministry of Highways introduced Certificate of Authenticity

पंजीकृत वाहन डीलरों की पहचान के लिए प्रामाणिकता अधिकार प्रमाणपत्र पेश

Ministry of Highways
नई दिल्ली। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने किसी भी डीलर की प्रामाणिकता की पहचान करने की खातिर पंजीकृत वाहनों के डीलरों के लिए अधिकार प्रमाणपत्र पेश किया है। मंत्रालय के इस कदम से व्यापार करने में आसानी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। अधिसूचना के मुताबिक पंजीकृत मालिक और डीलर के बीच वाहन की डिलीवरी की सूचना देने की प्रक्रिया को विस्तृत किया गया है।
 
मंत्रालय ने पुरानी कारों के बाजार संबंधी एक व्यापक नियामक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम, 1989 के अध्याय 3 में संशोधन किया है। इस बाबत उसने 22 दिसंबर को अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना के मुताबिक पंजीकृत मालिक और डीलर के बीच वाहन की डिलीवरी की सूचना देने की प्रक्रिया को विस्तृत किया गया है और पंजीकृत वाहनों के कब्जे वाले डीलर की शक्तियों और जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट किया गया है।
 
भारत में पुरानी कारों का बाजार धीरे-धीरे पैर जमाता जा रहा है। हाल के वर्षों में पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले ऑनलाइन मार्केटप्लेस शुरू होने से इस बाजार को और बढ़ावा मिला है। अधिसूचना के मुताबिक अब डीलरों को अपने कब्जे वाले मोटर वाहनों के लिए पंजीयन प्रमाणपत्र के नवीकरण, फिटनेस प्रमाणपत्र के नवीकरण, डुप्लीकेट पंजीकरण प्रमाण पत्र, एनओसी, स्वामित्व के हस्तांतरण के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया गया है।
 
इसमें कहा गया कि इन नियमों से पंजीकृत वाहनों के डीलरों/मध्यस्थों की पहचान करने और उन्हें सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा ऐसे वाहनों की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी की गतिविधियों से पर्याप्त सुरक्षा हो सकेगी।(भाषा)
 
Edited by: Ravindra Gupta
अगला लेख
CBI अदालत ने ऋण धोखाधड़ी मामले में कोचर दंपति और धूत की हिरासत 29 तक बढ़ाई