Ethanol petrol : इथेनॉल फ्यूल से नई-पुरानी गाड़ियों को कितनी परेशानी, नितिन गडकरी ने लोकसभा में क्या कहा, किसे हो रहा है फायदा
लोकसभा में गुरुवार को जानकारी दी गई कि पेट्रोल में एथनॉल मिलाने से वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता है। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्रश्न काल में बताया कि पेट्रोलियम पदार्थों में एथनॉल मिलाने से वाहनों को कोई नुकसान होता है या नहीं, इसकी जांच की गई है, जिससे स्पष्ट हुआ है इससे वाहनों को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है। गडकरी ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि ई20 फ्यूल के इस्तेमाल की वजह से किसानों को बहुत बड़ी रकम मिल रही है। इस व्यवस्था से देश के किसान ऊर्जादाता भी बन गये हैं।
केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि ई20 फ्यूल की वजह से कच्चे तेल के आयात में कमी आयी है। इस व्यवस्था से विदेशी मुद्रा की बचत भी हुई है। उन्होंने बताया कि इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 60-65 डॉलर प्रति बैरल है, लेकिन रिफाइनिंग, बीमा और अन्य कारकों से ग्राहकों तक पहुंचते-पहुंचते पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बढ़ जाते हैं।
उन्होंने बताया कि ई-फ्यूल व्यवस्था में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने की योजना है और अभी तक 19.2 से लेकर 19.4 प्रतिशत तक एथनॉल मिलाया जा रहा है। बहुत जल्द ही लक्षित 20 प्रतिशत तक एथनॉल मिलाना शुरू कर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि एथनॉल के उत्पादन से देश के अन्नदाताओं को बड़ी रकम का भुगतान मिल रहा है। देश में अतिरिक्त एथनॉल का उत्पादन देखते हुए इसका निर्यात भी शुरू कर दिया गया है। Edited by : Sudhir Sharma