कविता: एक भीनी सी खुशबू हूं, हवाओं में घुल जाने दो मुझे
वीनस शर्मा | मंगलवार,नवंबर 29,2022
एक भीनी सी खुशबू हूं, हवाओं में घुल जाने दो मुझे।
आसमान को छूता परिंदा हूं उड़ जाने दो मुझे।।
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