राहु केतु को कैसे प्रसन्न करें, जानें 6 चमत्कारिक मंत्र और 1 उपाय

Rahu Ketu ke Mantra
Mantra on Rahu Ketu
को राहु ने वक्रगति के चलते हुए मिथुन से वृषभ राशि में एवं केतु ने धनु से वृश्चिक राशि में प्रवेश कर लिया है। राहु को ज्योतिष शास्त्र में शनि के समान व केतु को मंगल के समान स्वभाव वाला ग्रह माना गया है। जैसे शनि को प्रसन्न करने के लिए किसी कुत्ते को तेल चुपड़ी हुई रोटी खिलाने की सलाह दी जा‍ती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुत्ते को तेल चुपड़ी रोटी खिलाने से शनि के साथ ही राहु-केतु से संबंधित दोषों का भी निवारण हो जाता है। राहु-केतु के योग कालसर्प योग से पीड़ित व्यक्तियों को यह उपाय बहुत लाभ पहुंचाता है।

इस उपाय के अलावा निम्न मंत्रों का जाप करने से पीड़ित जातकों को अत्यंत फायदा मिलता है। अगर राहु मंत्र को अगर सिद्ध किया जाए तो राहु से जुड़ी परेशानियां समाप्त होती हैं। यहां पढ़ें राहु-केतु के पावरफुल मंत्र-

राहु-केतु के मंत्र

राहु के मंत्र-

1. ह्रीं अर्धकायं महावीर्य चंद्रादित्य विमर्दनम्।
सिंहिका गर्भ संभूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्।
2. ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:।

3. ॐ शिरोरूपाय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नो राहु प्रचोदयात्।

ध्यान रहे कि राहु मंत्र का जाप 8 बार किया जाता है।

केतु के मंत्र-

1. ॐ पलाशपुष्पसंकाशं तारकाग्रह मस्तकम्।
रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम।।

2. ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं स: केतवे नम:।
3. ॐ पद्मपुत्राय विद्‍महे अमृतेशाय धीमहि तन्नो केतु: प्रचोदयात्।

जिस तरह राहु के मंत्रों का जाप किया जाता हैं वैसे ही केतु मंत्र का जाप 8 बार किया जाता है।



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