बुध ग्रह को जानें
ॐ दुर्ग दुर्गाय नम:
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वैज्ञानिकों अनुसार : बुध का व्यास 5140 किलोमीटर है और गुरुत्वाकर्षण शक्ति पृथ्वी की अपेक्षा एक चौथाई है। सौर मंडल का सबसे छोटा और प्रकाशमान बुध ग्रह सूर्य से 59200000 किलोमीटर दूर है। 48 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से यह 28 दिनों में सूर्य की परिक्रमा कर लेता है। इसे अपनी धुरी पर एक चक्कर लगाने में 60 दिन लगते हैं।
पुराणों अनुसार : बुध चंद्रमा के पुत्र हैं। उनकी माता का नाम रोहिणी है। उन्हें विद्वान और अथर्ववेद का ज्ञाता माना जाता है। उनका विवाह वैवस्वत मनु की पुत्री इला से हुआ। देवों की सभा में बुध को राजकुमार कहा गया है।
शुभ : बहन, मौसी और बुआ की स्थिति ठीक रहती है। सुंदर देह वाला ऐसा व्यक्ति ज्ञानी और चतुर होता है। सोच-समझकर बोलता है। उसकी बातों का असर होता है। ईमानदार और सच्चाई से चलने वाले बुध प्रबल व्यक्ति का रुतबा होता है। सूँघने की शक्ति गजब की होती है। व्यापार और नौकरी में किसी भी प्रकार की अड़चन नहीं आती।
अशुभ : सूँघने की शक्ति क्षीण होना। समय पूर्व ही दाँतों का खराब होना। मित्र से संबंधों का बिगड़ना। तुतलाहट। केतु और मंगल के साथ मंदा फल। शत्रु ग्रहों से ग्रसित बुध का फल मंदा ही रहता है। विशेषत: यह नौकरी या व्यापार में नुकसान दे सकता है। संभोग की शक्ति क्षीण कर देता है।
उपाय : दुर्गा की भक्ति। नाक छेदन करवाना। बेटी, बहन, बुआ और साली से अच्छे संबंध रखें। बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाना। साबुत हरे मूँग का दान करना। झूठ न बोलना।
मकान : बुध के मकान के चारों ओर खाली जगह होती है। हो सकता है कि यह मकान सभी मकानों से अलग अकेला ही हो। मकान के साथ चौड़े पत्तों के वृक्ष होंगे। गुरु और चंद्र के वृक्ष के साथ न होगा और अगर हुआ तो वह घर बुध की दुश्मनी का पुख्ता प्रमाण माना जाएगा।
देवता : दुर्गा
दिवस |
बुधवार | |
दिशा | पूर्व दिशा |
वाहन | सिंह |
भाव |
बारहवाँ | |
गोत्र व वंश |
अत्रि गोत्र, चंद्रवंशी | |
पेशा |
दलाल या व्यापारी | |
विशेषता |
चापलूस | |
धातु | हीरा और पन्ना |
गुण | दिमागी कसरत, मित्रता |
नक्षत्र | अश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती |
वर्ण | श्याम, 18 किरणें |
वस्त्र | टोपी, नाड़ा, तगारी, पेटी |
पशु | बकरा, बकरी, भेड़, चमगादढ़ |
शक्ति | बोलना, लोगों में दबदबा रखना |
वृक्ष | केला, चौड़े पत्ते के पौधे या वृक्ष |
शरीर के अंग | दिमाग का ढाँचा, जीभ, दाँत, नाड़ियाँ, नाक का सिरा |
बल | शुक्र और बुध दोनों ही एक ही भाव में हो तो बुध बलशाली |
अन्य नाम | चंद्र पुत्र, बोधन, सौम्य, शांत, शशिसुत, हेम्प और उतारुद। |
स्वभाव | अति चतुर और हास्य प्रधान। स्त्रैण और नपुंसक दोनों तत्व मौजूद। शुभ हो तो जवानी का भरपूर जोश। |
राशि | कन्या और मिथुन राशि के स्वामी बुध के सूर्य़, शुक्र और राहु मित्र, चंद्र शत्रु और मंगल, गुरु, शनि और केतु सम। |
भ्रमण | बुध 25 दिन तक एक राशि में निवास करते हैं। ग्रहों में इन्हें राजकुमार कहा गया है। इनमें पृथ्वी तथा वायु दोनों तत्व मौजूद है। |
